Бас ки ёди қоматат бар бод дод аҷзои сарв
بس که یادِ قامتت بر باد داد اجزای سرو
Нола қамарӣ шуд охир қад кашӣданҳои сарв
نالهٔ قمری شد آخر قدکشیدنهای سرو
Чидани домани дарин гулшани гул озодагӣ аст
چیدنِ دامن درین گلشن گلِ آزادگی است
Кист то фаҳмади забони офияти ?имаии сарв
کیست تا فهمد زبانِ عافیت ایمای سرو؟
Матлаби озодагиҳо пари баланд афтода аст
مطلبِ آزادگیها پُربلند افتادهاست
Олимӣ хам шуд ба фикри бори нопидои сарв
عالمی خَم شد به فکرِ بارِ ناپیدای سرو
Боғбонони қадар озодӣ надонистанд ҳайф
باغبانان قدرِ آزادی ندانستند حیف
Нола боистӣ дарин гулшан нишондани ҷои сарв
ناله بایستی درین گلشن نشاندن جای سرو
Бодаро дар домани минои баҳорӣ дигар аст
باده را در دامنِ مینا بهاری دیگر است
Об дорад обрӯ то меравад дар пои сарв
آب دارد آبرو تا میرود در پای سرو
Шуълаи идроки хокистари кулоҳ афтода аст
شعلهٔ ادراک، خاکسترکلاه افتادهاست
Нест ғайр аз боли қамарии пунбаи минои сарв
نیست غیر از بالِ قمری پنبهٔ مینای سرو
Бас ки мавзунони зи шарми қоматати гаштанди об
بس که موزونانز شرمِ قامتت گشتند آب
Сӯрати фаввора бояд рехт аз аҷзои сарв
صورتِ فوّاره باید ریخت از اجزای سرو
ӣнқадар раъно намеболад ниҳоли ин чаман
اینقدر رعنا نمیبالد نهالِ این چمن
Сояи нахл ки афтодаи сет бар болои сарв
سایهٔ نخلِ کِه افتادهستبر بالای سرو؟
Пой дар занҷири давраши гуфтугӯи озодагӣ
پایدر زنجیر، دورش، گفتگو، آزادگی
Бедили ин сатр такаллуф нест ҷузи иншои сарв
بیدل این سطرِ تکلف نیست جز انشای سرو!