Ба ғубори ин биёбон на нишон по нишаста
به غبار این بیابان نه نشان پا نشسته
Ба бисоти нотавонии ҳамаи нақш мо нишаста
به بساط ناتوانی همه نقش ما نشسته
Сари роҳи ноумедӣ на мақом интизор аст
سر راه ناامیدی نه مقام انتظار است
Дил бенаво надонам ба чаҳ муддао нишаста
دل بینوا ندانم به چه مدعا نشسته
зи ҳуҷуми рафтагонами сару барги офияти кӯ
ز هجوم رفتگانم سر و برگ عافیت کو
Ки садои по ба гӯшам чу ҳазор по нишаста
که صدای پا به گوشم چو هزار پا نشسته
Ба чаҳ дилхушӣ нигарем з чаҳ хуррамӣ насузам
به چه دلخوشی نگریم ز چه خرمی نسوزم
Ки дар анҷуман чу шамъами зи ҳама ҷудо нишаста
که در انجمن چو شمعم ز همه جدا نشسته
Чу ҳубоби олимиро ҳаваси кулоҳи дории сет
چو حباب عالمی را هوس کلاهداریست
Ба димоғи пучи мағзон чиқадр ҳаво нишаста
به دماغ پوچ مغزان چقدر هوا نشسته
Ба ғурур ҳастӣ эй субҳ магзар дарин гулистон
به غرور هستی ای صبح مگذر درین گلستان
Ки сад оина ба роҳати нафас озмо нишаста
که صد آینه به راهت نفس آزما نشسته
Раҳ нола нест осон ба хаёли қатъ кардан
ره ناله نیست آسان به خیال قطع کردن
Ки не аз гиреҳи дарин раҳ ба ҳазор ҷо нишаста
که نی از گره درین ره به هزار جا نشسته
Ба суҷуди он ду абрӯ на ман ветои сар ба хокем
به سجود آن دو ابرو نه من وتو سر به خاکیم
Ба урӯҷи осмони ҳам маи нави ду то нишаста
به عروج آسمان هم مه نو دو تا نشسته
Гули захми новак ӯ чиқадр баҳор дорад
گل زخم ناوک او چقدر بهار دارد
Ки чу ҳалқа бар дар дили ҳама длгшо нишаста
که چو حلقه بر در دل همه دلگشا نشسته
Чу ба ком нест дунё чаҳ занем лофи таркиш
چو بهکام نیست دنیا چه زنیم لاف ترکش
Натавон нишонди доман ба ғубор нонишаста
نتوان نشاند دامن به غبار نانشسته
Макаш эй сипеҳри заҳмат ба тасаллии мизоҷам
مکش ای سپهر زحمت به تسلی مزاجم
Ки ба сад таҳайюри ӣнҷои нигаҳии з по нишаста
که به صد تحیر اینجا نگهی ز پا نشسته
Чаҳ таъаммуласт бедили пари шавқи брФшоним
چه تأملست بیدل پر شوق برفشانیم
Ки ғуборҳо дарин раҳ ба умед мо нишаста
که غبارها درین ره به امید ما نشسته