зи пероҳани буруни о , бешикваӣ нест урёнӣ

ز پیراهن برون آ، بی شکوهی نیست عریانی

Ҷунун кун то ҳубобиро либоси баҳри пӯшоне

جنون کن تا حبابی را لباس بحر پوشانی

Гули ойӣнаро рӯй ту бахшад ранги ҳайронӣ

گل آیینه را روی تو بخشد رنگ حیرانی

Диҳад зулфат ба дасти шонаи асбоби парешоне

دهد زلفت به دست شانه اسباب پریشانی

Ба поси рози ашк аз забт мижгон нестам ғофил

به پاس راز اشک از ضبط مژگان نیستم غافل

Ба хок афканданаст ин Тифлро гаҳвораи ҷанбоне

به خاک افکندن است این طفل را گهواره جنبانی

Ба маҷнӯни нисбат сўдопрстонт наме бошад

به مجنون نسبت سوداپرستانت نمی‌باشد

зи одам фарқ бисёраст то ғӯл биёбоне

ز آدم فرق بسیارست تا غول بیابانی

Ба ҳар ҷои чора май ҷустанди маҷрӯҳони улфат ро

به هر جا چاره می‌جستند مجروحان الفت را

Фатила дар даҳони захм буд ангушти ҳайронӣ

فتیله در دهان زخم بود انگشت حیرانی

Сари бимғзи моро чорае дигар наме бошад

سر بیمغز ما را چاره‌ای دیگر نمی‌باشد

Магар теғӣ шавад нохун бар ин ақди гронҷонӣ

مگر تیغی شود ناخن بر این عقد گرانجانی

Дар бар баста мегуяд румузи хонаи мумсик

در بر بسته می‌گوید رموز خانهٔ ممسک

Саводи танагии дил равшанаст аз чини пешонӣ

سواد تنگی دل روشن است از چین پیشانی

Шумори уқдаи дил ҳамчунон боқӣаст дар зулфаш

شمار عقدهٔ دل همچنان باقیست در زلفش

Гар ангуштат шавад то шонаи хушк аз сбҳаҳи гирдоне

گر انگشتت شود تا شانه خشک از سبحه گردانی

Надонам орзӯи тамҳиди дидор киам имшаб

ندانم آرزو تمهید دیدار که‌ام امشب

Чу чашмами як лаби арз ва ҳазор ангушти ҳайронӣ

چو چشمم یک لب عرض و هزار انگشت حیرانی

Ту аз худ ношиносии ҳақ иззат кардае ботил

تو از خود ناشناسی حق عزت کرده‌ای باطل

Дар он маҳфил ки хокӣ тира дорад оби ҳайвонӣ

در آن محفل که خاکی تیره دارد آب حیوانی

Ғурури табъи вонгаҳи лофи диндорӣ чаҳ зулмаст ин

غرور طبع وآنگه لاف دینداری چه ظلمست این

Ба дилҳо решае чун сбҳаҳ мехоҳад сулаймонӣ

به دلها ریشه‌ای چون سبحه می‌خواهد سلیمانی

зи изҳори камолам , об май бояд шудани бедил

ز اظهار کمالم‌، آب می‌باید شدن بیدل

Либоси ҷавҳарам , чун теғ то кӣ нанги урёнӣ

لباس جوهرم‌، چون تیغ تا کی ننگ عریانی