Бскаҳ шуд ҳайрати парасти ҷилваи ?ути гулзорҳо

بسکه شد حیرت‌پرستِ جلوه‌ات‌ گلزارها

Гули зи барг хеш дорад пушт бар деворҳо

گل ز برگ خویش دارد پشت بر دیوارها

Дили зи доми ҳалқаи зулфи ?ут чаҳ сон ояд бурун

دل ز دام حلقهٔ زلف‌ات چه سان آید برون

Муҳраро натавон гирифтан аз даҳони морҳо

مهره را نتوان‌ گرفتن از دهان مارها

Аз навой ҳасрати дидори ҳам ғофил мабош

از نوای حسرت دیدار هم غافل مباش

Нола дорад бе ту мижгонам чу мўсиқорҳо

ناله دارد بی‌ تو مژگانم چو موسیقارها

Дастгоҳ шухӣ дарданд дил ҳои дунем

دستگاه شوخیِ دَرداند دل‌های دونیم

Нест боли нолаи ҷузи вокрдни минқорҳо

نیست بال ناله جز واکردن منقارها

Гӯшаи гирони ғофил аз найранг имкон нестанд

گوشه‌گیران غافل از نیرنگ امکان نیستند

намехӯрд бар гӯши як сари маънии асрорҳо

می‌خورَد بر گوش یک‌سر معنی اسرارها

Боиси оҳи ҳазини мо ҳамон аз ишқ пресс

باعث آهِ حزینِ ما همان از عشق پرس

Дард май фаҳмади забони набзи ин беморҳо

درد می‌فهمد زبان نبض این بیمارها

Болу пари барҳам задан бешухӣ парвоз нест

بال‌ و پر برهم‌ زدن بی‌ شوخیِ پرواز نیست

Бе такаллуфи нағма хезаст изтироби торҳо

بی‌ تکلف نغمه‌خیز است اضطراب تارها

Хатми кирдори забонҳо бесухан гардидан аст

ختم کردار زبان‌ها بی‌سخن گردیدن است

Хомшӣ чун шамъ дорад меҳри ин тӯморҳо

خامشی چون شمع‌ دارد مهر این طومارها

Дар биёбоне ки мо фикр иқомат карда ем

در بیابانی که ما فکر اقامت کرده‌ایم

намеравад бар бод монанди садои кҳсорҳо

می‌رود بر باد مانند صدا کُهسارها

Нусха найранг ҳастӣ ба ки гирданд варақ

نسخهٔ نیرنگ هستی بِه‌ که‌ گرداند ورق

Куҳна шуд аз омад ва рафт нафаси такрорҳо

کهنه شد از آمد و رفت نفس‌ تکرارها

Мурдаам аммо зи осоиши ҳамон бебаҳра ам

مرده‌ام اما ز آسایش همان بی‌بهره‌ام

Бо кафи хокам ҳануз он Тифл дорад корҳо

با کف خاکم هنوز آن طفل دارد کارها

Бскаҳи бедил бо насими кӯй ӯ ху карда ам

بسکه بیدل با نسیم‌ کوی او خو کرده‌ام

намекашад табъам чу захм аз буии гули озорҳо

می‌کِشد طبعم چو زخم‌ از بوی‌ گل آزارها

Хониш
ғзл шморҳ 287 — ъндлӣб