Ба рӯй нусха ҳастӣ ки нест ҷузи таби втоб

به‌روی‌نسخهٔ‌هستی‌که نیست جز تب وتاب

Навиштаанд хати офият ба мавҷи сароб

نوشته‌اند خط عافیت به موج سراب

Грорзў шиканӣ мешавад иморати дил

گرآرزو شکنی می‌شود عمارت دل

Шикасти мавҷ буд боиси баннои ҳубоб

شکست موج بود باعث بنای حباب

Далели ғифлат мо нест ғайриваҳшати умр

دلیل غفلت ما نیست غیروحشت عمر

Садоӣ об надорад ба ҷузи фасонаи хоб

صدای آب ندارد به جز فسانهٔ خواب

Ки мехӯрд ғами вайронии иморати ҳуш

که می‌خورد غم ویرانی عمارت هوش

Баннои хонаи занҷир мо мабод хароб

بنای خانهٔ زنجیر ما مباد خراب

Ба ҷуз шикастагӣам қибла ниёзӣ нест

به‌جز شکستگی‌ام قبلهٔ نیازی نیست

Срҳбоби марои мавҷи бас буд миҳроб

سرحباب مرا موج بس بود محراب

Дарин чаман ки гулаш прФшонӣ рангаст

درین چمن‌که‌گلش پرفشانی رنگست

Гушӯдани мижа муфтаст ҷилва Эй дарёб

گشودن مژه مفت است جلوه‌ای دریاب

зи мавҷ , парда ба рӯй муҳӣт натавон баст

ز موج، پرده به روی محیط نتوان بست

Ту чашми бастае , эй бихбр куҷост ниқоб

تو چشم بسته‌ای‌، ای بیخبر کجاست نقاب

Ба ҳабиби сохт ҳавас то талош пеш нарафт

به حبیب ساخت هوس تا تلاش پیش نرفت

Каманди мавҷ ба чин орамид ва шуд гирдоб

کمند موج به چین آرمید و شد گرداب

Ғами саботи тараби зин бисот натавон хӯрд

غم ثبات طرب زین بساط نتوان خورد

Басаст реги равони гавҳари муҳӣти сароб

بس است ریگ روان ‌گوهر محیط سراب

Ба фикри мазраъи бедил чаро напардозӣ

به فکر مزرع بیدل چرا نپردازی

Агар ба абри карами сарфае сети барқи итоб

اگر به ابر کرم صرفه‌ای‌ست برق عتاب