Ба хоки роҳ ки гардид қатраи зани маҳтоб
به خاک راهکهگردید قطرهزن مهتاب
Ки чун гулоб фишондам ба перҳани маҳтоб
که چونگلاب فشاندم به پیرهن مهتاب
Ба сад баҳори сари вбрги ин тасарруф нест
به صد بهار سر وبرگ این تصرف نیست
Ҷаҳон гирифт ба як барги ёсумани маҳтоб
جهانگرفت به یک برگ یاسمن مهتاب
Дигар чаҳ чораи ҷузи оташ задан ба кисвати ҳуш
دگر چه چاره جز آتش زدن بهکسوت هوش
Фитодааст ба Фкрктони ман маҳтоб
فتاده است به فکرکتان من مهتاب
Дар он бисот ки шамъ тараб шавад хомӯш
در آن بساطکه شمع طرب شود خاموش
Зпнбаҳи срмино бурун фикан маҳтоб
زپنبهٔ سرمینا برون فکن مهتاب
Ба ин сафо натавон ҷилва сабоҳат дод
به این صفا نتوان جلوهٔ صباحت داد
Гузаштааст зи хубони симтни маҳтоб
گذشته است ز خوبان سیمتن مهتاب
Ба ҳар тарафнигарӣ айш май хиромаду бас
به هر طرف نگری عیش میخرامد و بس
зи бас ки кард ба фикри сафари ватани маҳтоб
ز بسکهکرد به فکر سفر وطن مهتاب
зи чоҳи зулмати ин хокдон раҳоӣ нест
ز چاه ظلمت این خاکدان رهایی نیست
Магари з чидан доман кунад расани маҳтоб
مگر ز چیدن دامنکند رسن مهتاب
Абаси зи ваҳм , бисоти давоми айши мучин
عبث ز وهم، بساط دوام عیش مچین
Ки кард то саҳари ин ҷомаи рокҳни маҳтоб
کهکرد تا سحر این جامه راکهن مهتاب
Ба гулшанӣ ки ҳаёи шабнами бҳортў буд
بهگلشنیکه حیا شبنم بهارتو بود
Гудохт оина чндонкаҳ шуд чамани маҳтоб
گداخت آینه چندانکه شد چمن مهتاب
Суроғи айшӣ аз ин анҷуман наме ёбам
سراغ عیشی از این انجمن نمییابم
Магар чу шамъи дмонми з сӯхтани маҳтоб
مگر چو شمع دمانم ز سوختن مهتاب
Шаҳиди нози ту дар хок бетамошо нест
شهید ناز تو در خاک بیتماشا نیست
зи мавҷи хӯн чаманӣ дорад азкФни маҳтоб
ز موج خون چمنی دارد ازکفن مهتاب
Мабош бихбр аз файз гиряам бедил
مباش بیخبر از فیض گریهام بیدل
Ки шастааст ҷаҳонро ба ашки ман маҳтоб
که شسته است جهان را به اشک من مهتاب