Гузашт аз чарх ва бигирифт обилаи чашми сурайё ро

گذشت از چرخ و بگرفت آبله چشم ثریا را

Ҳавояти токҷои азпои нишон ? ?лаи мо ро

هوایت تا کجا از پا نشانَد نالهٔ ما را

Таъаммул то чаҳ дргўши афканди паймонаи мо ро

تأمل تا چه در گوش افکنَد پیمانهٔ ما را

Навое ҳаст дрхотршк ? ранги мино ро

نوایی هست درخاطر شکست رنگ مینا را

Надорад шӯри имкони ҷуз ба кунҷи фақри осўдн

ندارد شور امکان جز به کنج فقر آسودن

Агар соҳили шӯй дар оби гавҳаргири дарё ро

اگر ساحل شوی در آب گوهر گیر دریا را

Дарин дарёи зи бас фаршаст аҷзои шикасти ман

در این دریا ز بس فرش است اجزای شکست من

Ба ҳрсўмии рӯм чун мавҷи брхўд май нуҳуми по ро

به هر سو می‌روم، چون موج بر خود می‌نهم پا را

Ба тадбир дигар натавон зи доғи кулуфти осўдн

به تدبیر دگر نتوان ز داغ کلفت آسودن

Мгробӣ занад хокистари мо оташи мо ро

مگر آبی زند خاکستر ما آتش ما را

Ба ҳол хештан нагузошт дили рошўхии оҳам

به حال خویشتن نگذاشت دل را شوخی آهم

Ҳавоӣ кард рақси гирдбоди аҷзои саҳро ро

هوایی کرد رقص گردباد اجزای صحرا را

Дарин вайронаи ҳамчашми нигоҳам каз сбкрўҳӣ

در این ویرانه هم چشم نگاهم کز سبکروحی

Дарун хонаам вази хеш холӣ кардаам ҷо ро

درون خانه‌ام وز خویش خالی کرده‌ام جا را

Биҳиштӣ аз дил ҳар зарра дар пурваз ме ояд

بهشتی از دل هر ذره در پرواز می‌آید

Агар дар хоки резади ҳасратами ранги таманно ро

اگر در خاک ریزد حسرتم رنگ تمنا را

Мабодои нолаи рабти доғҳои дил занад ббрҳм

مبادا ناله ربط داغ‌های دل زند برهم

Мшўрон эй ҷунуни ин шуълаи занҷири дрпо ро

مشوران ای جنون، این شعلهٔ زنجیر در پا را

Тҷоҳл чун ҳубоб аз фаҳм ҳастӣ муфти ҷамъият

تجاهل، چون حباب از فهم هستی مفت جمعیت

Ту май оеи буруни зинҳори мшкоФи ин муаммо ро

تو می‌آیی برون زنهار مشکاف این معما را

Ба ҳрсўи чашми вокрдми нигаҳи вақфи хтокрдм

به هر سو چشم واکردم نگه وقف خطا کردم

намедонам чаҳ пеш омад ман ғифлати тақозо ро

نمی‌دانم چه پیش آمد من غفلت تقاضا را

Ҳамин дардаст барги ъушрати хунини дилони бедил

همین درد است برگ عشرت خونین‌دلان بیدل

Ҳуҷуми гиряи маст ханда дорад табъи мино ро

هجوم گریه، مست خنده دارد طبع مینا را

Хониш
ғзл шморҳ 36 — ъндлӣб