Нзибди пардаи фонӯси дигари шамъи савдо ро

نزیبد پردهٔ فانوس دیگر شمع سودا را

Мгрдроб чун ёқӯт гиранд оташи мо ро

مگر در آب چون یاقوت‌ گیرند آتش ما را

Дили осӯдаи мо шӯри имкон дар қафас дорад

دل آسودهٔ ما شور امکان در قفس دارد

Гуҳар дуздидааст аинҷоънони мавҷи дарё ро

گهر دزدیده است اینجا عنانِ موج‌ِ دریا را

Биҳишти офияти ранги ҷаҳон обрӯ бошӣ

بهشتِ عافیت‌رنگِ جهانِ آبرو باشی

Дроғўши нафасгар хӯн кунӣ арзи таманно ро

در آغوشِ نفس‌ گر خون کنی عرض تمنا را

Ғубори эҳтиёҷи онҷокаҳи домон талаб гирад

غبارِ احتیاج آنجا که دامانِ طلب ‌گیرد

Равонаст обрӯи ҳргаҳ ба рФтороўрии по ро

روان است آبرو هرگه به رفتار آوری پا را

Ба арз бихўдиҳогрм кун ҳангомаи машраб

به‌ عرض بیخودی‌ها گرم کن هنگامهٔ مشرب

Ки меномидаанд ӣнҷои шикасти ранги мино ро

که می‌نامیده‌اند اینجا شکست رنگ مینا را

Фурӯғи ин шабистони ҷузи Ром барқӣ наме бошад

فروغِ این شبستان جز رمِ برقی نمی‌باشد

Чироғон кардаанд аз чашми оҳўкўаҳу саҳро ро

چراغان کرده‌اند از چشمِ آهو کوه و صحرا را

Дарини маҳфили парешон ҷилвааст он ҳасани яктое

در این‌ محفل‌ پریشان‌جلوه است آن‌ حسنِ یکتایی

Шикастии кӯка пардозӣ диҳад ойӣнаи мо ро

شکستی‌ کو که پردازی دهد آیینهٔ ما را؟

Сбктозости шавқи амомни он санги змингирм

سبک‌تاز است شوق اما من آن سنگ زمین‌گیرم

Ки дррнги шррози хеш холӣ мекунам ҷо ро

که‌ در رنگ شرر از خویش خالی می‌کنم جا را

Ба доғ бенигоҳӣ рафт азин маҳфили чароғи ман

به‌ داغ بی‌نگاهی رفت ‌ازین محفل چراغِ من

Шикасти ойӣнаи рангӣ ки гум кардам тамошо ро

شکست آیینهٔ رنگی ‌که‌ گم کردم تماشا را

Ҳавас чун норасо шуд нася нқдҳол ме гардад

هوس چون نارسا شد نسیه نقدِ حال می‌گردد

Амлро риштаи кӯтаҳи созу ъқбогири дунё ро

امل را رشته کوته ساز و عقبا گیر دنیا را

зи шӯр бенишоне , бенишоне шуд нишони бедил

ز شورِ بی‌نشانی‌، بی‌نشانی شد نشان بیدل

Ки гуми гаштани згми гаштан бурун оварад анқо ро

که‌ گم گشتن ز گم‌گشتن برون آورد عنقا را

Хониш
ғзл шморҳ 39 — ъндлӣб