Насим шона кунад зулфи мавҷи дарё ро

نسیم شانه کند زلفِ موجِ دریا را

Ғубор серума диҳад чашми кӯҳу саҳро ро

غبار سرمه دهد چشمِ کوه و صحرا را

зи захми арраи дандони мавҷ эмин нест

ز زخمِ ارهٔ دندانِ موج ایمن نیست

Гуҳар ба домани роҳат чисон кашад по ро

گهر به دامنِ راحت چه‌سان کشد پا را

Лабаш ба ҳалқаи оғӯш хат бидон монад

لبش به حلقهٔ آغوشِ خط بدان مانَد

Ки хзртнг ба барме кашад масеҳо ро

که خضر تنگ به بر می‌کشد مسیحا را

Ъдмсрои дилами кунҷ ъзлтӣ дорад

عدم‌سرایِ دلم کنجِ عزلتی دارد

Ки роҳ нест дар ӯ ваҳми боли анқо ро

که راه نیست در او وهمِ بالِ عنقا را

Ҳадис нарм намеояд аз забони дурушт

حدیثِ نرم نمی‌آید از زبانِ درشت

Шарори хез буд табъи санги хоро ро

شرارخیز بود طبع، سنگِ خارا را

Ҳамеша ташнаи лаби хӯни мобўдбидл

همیشه تشنه‌لبِ خونِ ما بوَد بیدل

Чўшишаҳи ҳарки ба даст оварад дили мо ро

چو شیشه هرکه به دست آورَد دلِ ما را

Хониш
ғзл шморҳ 40 — ъндлӣб