Шаб гиряам ба он ҳамаи сомони шикасту рехт

شب‌گریه‌ام به‌ آن همه سامان ‌شکست ‌و ریخت

Каз ҳар сиришки шиша ӣ тӯфони шикасту рехт

کز هر سرشک شیشه‌‌ی‌ توفان شکست و ریخت

Дар роҳи интизори туами ашк буду бас

در راه انتظار توام اشک بود و بس

Гирди мусӣбатӣ ки зи домони шикасту рехт

گرد مصیبتی که ز دامان شکست و ریخت

Тӯфони даҳри шӯриши оҳами фурӯи нишонд

توفان دهر شورش آهم فرو نشاند

Ингар дбод , гирди биёбони шикасту рехт

این گر‌دباد، گَرد بیابان شکست و ریخت

Аз чашмати ончӣ бар қадаҳ мефитода аст

از چشمت آنچه بر قدح مِی‌ فتاده است

Касро кам аўФтоди бдинсои Ни шикасту рехт

کس را کم اوفتاد بدینسا‌ن شکست و ریخت

Ашками зи дидаи рехт ба ҳоли шикасти дил

اشکم ز دیده ‌ریخت به حال شکست دل

Мушкили ғамӣ ки ишқи ту осони шикасту рехт

مشکل‌غمی ‌که ‌عشق ‌تو آسان‌ شکست و ریخت

Охир чакид мавҷи табассуми зи гавҳарат

آخر چکید موج تبسم ز گوهرت

Шӯри намаки нигар ки намакдони шикасту рехт

شور نمک نگر که نمکدان شکست و ریخت

Умрии Аннан гиря кашидам вале чаҳ суд

عمری عنان ‌گریه ‌کشیدم ولی چه سود

Охир ба доманами ҷгрстони шикасту рехт

آخر به دامنم جگرستان شکست و‌ ریخت

Бояд ба нақши пои ту сайр баҳор кард

باید به نقش پای تو سیر بهار کرد

Кин барг аз он ниҳоли хари амони шикасту рехт

کاین‌ برگ از آن نهالِ خر‌امان شکست و ریخت

Гирдоби хӯни з ҳар ду ҷаҳон мавҷ ме занад

گرداب خون ز هر دو جهان موج می‌زند

Дар чашми интизор ки мижгони шикасту рехт ?

در چشم انتظار که مژگان شکست و ریخت؟

Дар олами хаёли ту ин ғунчаи вори дил

در عالم خیال تو این غنچه‌وار دل

Ойӣнаи хонае ба гиребони шикасту рехт

آیینه خانه‌ای به‌ گریبان شکست و ریخت

Аз хеш ҳарчӣ буд шикастем ва рехтем

از خویش هرچه بود شکستیم و ریختیم

Ғайр аз дили шикаста ки натавон шикасту рехт

غیر از دل شکسته‌ که نتوان شکست و ریخت

Бедили зи файзи ишқ ба мижгон гузашта ем

بیدل ز فیض عشق به مژگان‌ گذشته‌ایم

Дар бешае ки нохуни шерони шикасту рехт

در بیشه‌ای‌ که ناخن شیران شکست و ریخت