Нафас ошуфта медорад чу гули ҷамъияти мо ро
نفس آشفته میدارد چو گل جمعیت ما را
Парешон менависад калаки мавҷи аҳволи дарё ро
پریشان مینویسد کلک موج احوال دریا را
Дар ин водӣ ки май бояд гузашт аз ҳарчӣ пеш ояд
در این وادی که میباید گذشت از هرچه پیش آید
Хуши он раҳрав ки дар домони даии печиди фардо ро
خوش آن رهرو که در دامان دی پیچید فردا را
зи дард матлаб ноёб то кӣ гиряи сар кардан
ز درد مطلب نایاب تا کی گریه سر کردن
Таманнои охир аз хиҷлат арақ кард ашки расво ро
تمنا آخر از خجلت عرق کرد اشک رسوا را
Ба ин фурсат машав шерозаи банд нусха ҳастӣ
به این فرصت مشو شیرازهبند نسخهٔ هستی
Саҳари ҳам дар адам хоҳад фароҳам кард аҷзо ро
سحر هم در عدم خواهد فراهم کرد اجزا را
Гудози дарди улфати файзи эксир дигар дорад
گداز درد الفت فیض اکسیر دگر دارد
зи хӯни гаштани тавон дар дил гирифтани ҷумлаи аъзо ро
ز خون گشتن توان در دل گرفتن جمله اعضا را
ӣа ҷои нола май хезади ғубори хоксоронт
یه جای ناله میخیزد غبار خاکسارانت
Садои гардии сет яксар соғари нақши қадамҳо ро
صدا گردیست یکسر ساغر نقش قدمها را
Ба огоҳӣ чаҳ имконаст гардад ҷамъи худдои рай
به آگاهی چه امکانست گردد جمع خودداری
Ки бо ҳар мавҷ май бояд гузашт аз хеши дарё ро
که با هر موج میباید گذشت از خویش دریا را
Дар ин гулшан чу гули як пар задан рухсат наме бошад
در این گلشن چو گل یک پر زدن رخصت نمیباشد
Магар аз ранги ёбии нусхаи боли афшонии мо ро
مگر از رنگ یابی نسخه بالافشانی ما را
Фалаки таклифи ҷоҳат гар кунад фоли ҳамоқати зан
فلک تکلیف جاهت گر کند فال حماقت زن
Ки ғайр аз гов натавонад кашӣдан бори дунё ро
که غیر از گاو نتواند کشیدن بار دنیا را
Чаро маҷнӯни моро дар парешоне ватан набӯд
چرا مجنون ما را در پریشانی وطن نبود
Ки аз чашми ғизолони хона брдўшаст саҳро ро
که از چشم غزالان خانهبردوش است صحرا را
Назокатҳост дар оғӯши минохонаҳи ҳайрат
نزاکتهاست در آغوش میناخانهٔ حیرت
Мижа бар ҳам мазан то нашиканӣ ранги тамошо ро
مژه بر هم مزن تا نشکنی رنگ تماشا را
Сияҳи рӯзии фурӯғи тираи бахатони бас буд бедил
سیهروزی فروغ تیرهبختان بس بود بیدل
зи дӯд хеш бошад серумаи чашми доғи дилҳо ро
ز دود خویش باشد سرمه چشم داغ دلها را