Нафаси муҳаррики ҷисм ба ғами фусурдаи мост

نفس محرک جسم به غم فسرده ماست

Ғубор хок нишинро , ри м насим Асост

غبار خاک‌نشین را، ر‌م نسیم عصاست

Маро муъоина шуд аз хати шикастаи мавҷ

مرا معاینه شد از خط شکستهٔ موج

Ки нақши по ӣ ҳавои сарнавишт ин дарёст

که نقش پا‌ی هوا سرنوشت این ‌دریاست

Ба канаи матлаби аҷзам касе чаҳ пардозад

به کنه مطلب عجزم کسی چه پردازد

Лаб хамӯш тилисми ҳазор ранги садост

لب خموش طلسم هزار رنگ صداست

Чу сарв бетамаъ аз даҳр бошу сари бФроз

چو سرو بی‌طمع از دهر باش و سر بفراز

Ки нахли борвар аз миннати замонаи дўтост

که نخل بارور از منت ‌زمانه دوتاست

Ман аз мурӯрати табъ Карим донистам

من از مرورت طبع کریم دانستم

Ки оби гаштани баҳри ӣнқадари з шарм сахост

که آب ‌گشتن بحر اینقدر ز شرم سخاست

зи доми суҳбати мардуми раҳоӣ имкон нест

ز دام صحبت مردم رهایی امکان نیست

Касе ки гӯша гирифт аз ҷаҳонён анқост

کسی‌که‌گوشه‌گرفت از جهانیان عنقاست

Чу ҷом тарҳ хамӯшӣ фикан ки мино ро

چو جام طرح خموشی فکن‌ که مینا را

Ҳуҷуми хандаи садои шикаст ранг ҳаёст

هجوم خنده صدای شکست رنگ حیاست

Фироқи оинаи занг хӯрда ҳастӣаст

فراق آینهٔ زنگ خورده هستیست

Дамӣ ки ҷилва кунад офтоб соя куҷост

دمی که جلوه‌کند آفتاب سایه کجاست

Ҳамон ҳақиқат ҳеҷаст нақши куну макон

همان حقیقت هیچ است نقش کون و مکان

Ба ҳарҷа майнигарӣ як сароб ҷилва намост

به هرجه می نگری یک سراب جلوه‌ نماست

Забон таън нагардад ғубори машраби мо

زبان طعن نگردد غبار مشرب ما

Ҳуҷуми хори ҳамон зеб доман саҳрост

هجوم خار همان زیب دامن صحراست

Ба поси дили ҳамаи ҷои хӯни саъй бояд хӯрд

به پاس دل همه جا خون سعی باید خورد

Ки роҳ бар сар кӯҳасту бор мо миност

که راه بر سر کوه است و بار ما میناست

Ба Фкрмсръи мавзун чаҳ ғам хӯрд бедил

به فکرمصرع موزون چه غم خورد بیدل

Хаёли сарви тўоши дастгоҳ табъ расост

خیال سرو تواش دستگاه طبع رساست