Ҷунун кӣ қадрдони кӯҳ ва ҳомӯн мекунад мо ро
جنون کی قدردان کوه و هامون میکند ما را
Ҳамон фарзонагии рӯзии ду маҷнӯн мекунад мо ро
همان فرزانگی روزی دو مجنون میکند ما را
Нафас ҳар дам задан сад субҳи маҳшар фитна ме хандад
نفس هر دمزدن صد صبح محشر فتنه میخندد
Ҳавои боғи мавҳумӣ чаҳ афсун мекунад мо ро
هوای باغ موهومی چه افسون میکند ما را
Касе ё раби мабодои поймоли рашки ҳамчашмӣ
کسی یا رب مبادا پایمال رشک همچشمی
Ҳинои чандон ки бӯсади даст ӯ хӯн мекунад мо ро
حنا چندان که بوسد دست او خون میکند ما را
Чу субҳи онҷо ки хоки остонаш дар хаёл ояд
چو صبح آنجا که خاک آستانش در خیال آید
Ҳамагар ранг май гирдам ки гардун мекунад мо ро
همه گر رنگ میگردم که گردون میکند ما را
Тамошои ғурури дигарон ҳам олимӣ дорад
تماشای غرور دیگران هم عالمی دارد
Ба рӯй зар нишаст сикка қорун мекунад мо ро
به روی زر نشست سکه قارون میکند ما را
Ҳисоб чун ва чанд эътибор дафтар ҳастӣ
حساب چون و چند اعتبار دفتر هستی
Ба ҷузи сифри ҳавас бар мо чаҳ афзӯн мекунад мо ро
به جز صفر هوس بر ما چه افزون میکند ما را
Ҳубоби мо агар зин баҳр бошад ҷуръаи ҳушаш
حباب ما اگر زین بحر باشد جرعهٔ هوشش
Ки таклифи шароб аз ҷом вожўн мекунад мо ро
که تکلیف شراب از جام واژون میکند ما را
Фано аз лавҳи имкон нақш ҳастӣ ҳак кунад варна
فنا از لوح امکان نقش هستی حک کند ورنه
Иборат ҳарчӣ бошад нанг мазмун мекунад моро
عبارت هرچه باشد ننگ مضمون میکند مارا
Ҳамагар офтоб ойем дар дўронгаҳи ъушрат
همه گر آفتاب آییم در دورانگه عشرت
Кусуфӣ ҳаст кохр дар меафюн мекунад мо ро
کسوفی هست کآخر در می افیون میکند ما را
зи сози сарву беди ин чаман овоз ме ояд
ز ساز سرو و بید این چمن آواز میآید
Ки оҳ аз бебарӣ набӯд ки мавзун мекунад мо ро
که آه از بیبری نبود که موزون میکند ما را
Шабистони маосии субҳи раҳмат орзӯ дорад
شبستان معاصی صبح رحمت آرزو دارد
Ҳамин рахти сияҳи муҳтоҷ собӯн мекунад мо ро
همین رخت سیه محتاج صابون میکند ما را
Касе то чанд бедили кулуфт таъмир бардорад
کسی تا چند بیدل کلفت تعمیر بردارد
Фишори бом ва дар аз хона берун мекунад мо ро
فشار بام و در از خانه بیرون میکند ما را