Сиррӣ набӯд ба ваҳшати зи базм ҷустан мо ро

سری‌ نبود به وحشت‌ ز بزم‌ جستن‌ ما را

Фишори танагии дилҳо шикасти домани мо ро

فشار تنگی دل‌ها شکست دامن ما را

Чу ашк бесару поеи ҷунуни шавқ ки дорад

چو اشکِ بی‌سروپایی، جنونِ شوق‌ که‌ دارد

зи кафи надод давидани Аннан дидан мо ро

ز کف نداد دویدن عنان دیدن ما را

Расидаем з ҳар дам задан ба олами дигар

رسیده‌ایم ز هر دم زدن به عالم دیگر

Суроғ аз нафас мо кунед маскани мо ро

سراغ از نفس ما کنید مسکن ما را

Сиёҳи рӯзии шамъ ошкор шуд зи таъаммул

سیاه‌روزی شمع آشکار شد ز تأمل

Ба пеши по чаҳ балоеаст табъи равшани мо ро

به پیش‌ پا چه بلایی‌است طبع روشن ما را

Куҷо рӯем ки бедод дил расад ба шунидан

کجا رویم‌ که بیداد دل رسد به شنیدن

Ба серума дод нигоҳаши ғубори шевани мо ро

به سرمه داد نگاهش غبار شیون ما را

Нигаҳ чу ҷавҳари ойӣнаи сӯхти реша ба мижгон

نگه‌ چو جوهر آیینه سوخت ریشه‌ به‌ مژگان

зи шарми ҳасан ки доданд оби гулшани мо ро

ز شرم حسن‌ که دادند آب‌ گلشن ما را

Фалак чу сбҳаҳ дар ин хшксоли қаҳти мурувват

فلک چو سبحه در این خشکسال قحط مروت

Ба пой реша давонед тухми хирмани мо ро

به پای ریشه دوانید تخم خرمن ما را

Нафас ба қайди дили афсурдаи ҳамчуи мавҷ ба гавҳар

نفس به قید دل افسرده همچو موج به‌ گوهر

Ҳамин як обила астодгӣаст рафтан мо ро

همین یک آبله استادگی‌است رفتن ما را

Урӯҷи нози гулӣ буд аз баҳори заъифӣ

عروج ناز گلی بود از بهار ضعیفی

Ба по фитод сари мо зи по фитодан мо ро

به پا فتاد سر ما ز پا فتادن ما را

Ҷуз инфеъол надорад ҳалоки мӯри талофӣ

جز انفعال ندارد هلاک مور تلافی

Дяти ҳамин арақи ҷабҳаи исти куштани мо ро

دیت همین عرق جبهه‌ایست‌ کشتن ما را

зи шарми васвасаи додеми арзи шӯҳрати бедил

ز شرم وسوسه دادیم عرض شهرت بیدل

Ки фикр мо накунад тираи табъи равшани мо ро

که فکر ما نکند تیره‌ طبع روشن ما را

Хониш
ғзл шморҳ 49 — ъндлӣб