То ба кӣ хоҳии злоФи бахт бар сарҳо нишаст

تا به‌کی خواهی زلاف بخت بر سرها نشست

Бархати таслим май бояд чўнқш по нишаст

برخط‌تسلیم می‌باید چونقش پا نشست

Магзар аз вазъи адаб то обрӯ ҳосил кунӣ

مگذر از وضع‌ ادب تا آبرو حاصل کنی

Чун ба худ пичидгўҳр дар дил дарё нишаст

چون به خود پیچیدگوهر در دل دریا نشست

Бартарӣҳо мансаби иқбол ҳар ноаҳл нест

برتریها منصب اقبال هر نااهل نیست

Сарнигӯнӣ дид то зулф аз Рахш боло нишаст

سرنگونی دید تا زلف از رخش بالا نشست

Бар ҷабини баҳри нақши мавҷ кӣ монад ниҳон

بر جبین بحر نقش موج‌کی ماند نهان

Гирди битобии чўрнги охрбаҳ рӯй мо нишаст

گرد بیتابی چورنگ آخربه‌روی ما نشست

Орамидан дар мизоҷи ошиқон арз фаност

آرمیدن در مزاج عاشقان عرض فناست

Шуълаи битоқт мо рафт аз хўдтоншст

شعلهٔ بیطاقت ما رفت از خودتانشست

Азгронҷонии асирони фалакро чора нест

ازگرانجانی اسیران فلک را چاره نیست

Софҳо шуд дард то дар доман мино нишаст

صافها شد درد تا در دامن مینا نشست

Пайкарами афсарад дар роҳи умед аз заъфи оҳ

پیکرم افسرد در راه امید از ضعف آه

Ин ғубори охир ба дард беъсоииҳо нишаст

این غبار آخر به درد بی‌عصاییها نشست

Нахлҳои ин гулистони ҷумлаи нахли шамъ буд

نخلهای این‌گلستان جمله نخل شمع بود

Ҳаркии имшаб қоматӣ орост то фардо нишаст

هرکه امشب قامتی آراست تا فردا نشست

Обрӯ бо арзи матлаб ҷамъ натавон сохтан

آبرو با عرض مطلب جمع نتوان ساختن

Дасти ҳоҷат то баландӣ кард истиғно нишаст

دست حاجت تا بلندی‌کرد استغنا نشست

Сарфи ҷусти вҷўии худкардеми ъмромо чаҳ суд

صرف‌جست وجوی‌خودکردیم عمراما چه‌سود

Ҳастӣ мо ҳам ба рўзшҳрт анқо нишаст

هستی ما هم به‌روزشهرت عنقا نشست

ДркФни боқии сети эҳроми қиёмат бастанат

درکفن باقی‌ست احرام قیامت بستنت

Гар тўбншинӣ нахоҳад фитнаи ?ут азпо нишаст

گر توبنشینی نخواهد فتنه‌ات ازپا نشست

Бедил аз барқи таманнояши саропои оташам

بیدل از برق تمنایش سراپا آتشم

Доғ шуд ҳаркас ба паҳлавии ман шидоншст

داغ شد هرکس به‌پهلوی من شیدانشست