Оқибат чун шуълаи хокистар ба фарқ мо нишаст
عاقبت چون شعله خاکستر به فرق ما نشست
Дарди саҳбои пунбаи гашт ва бар сар мино нишаст
درد صهبا پنبه گشت و بر سر مینا نشست
Бе туами гирди заъифии бас ки бар аъзо нишаст
بیتوام گرد ضعیفی بس که بر اعضا نشست
Нолаам дркўчаҳи не чун гиреҳ сдҷо нишаст
نالهام درکوچهٔ نی چون گره صدجا نشست
Кас наме фаҳмади забон сӯхтани тақрири шамъ
کس نمیفهمد زبان سوختن تقریر شمع
Дар миёни анҷуман май боядам танҳо нишаст
در میان انجمن میبایدم تنها نشست
наме тавон дар хоксорӣ ёфт авҷи эътибор
میتوان در خاکساری یافت اوج اعتبار
Обила шуд соҳиби афсар , бскаҳи зер по нишаст
آبله شد صاحب افسر، بسکه زیر پا نشست
Ҳар киро сарриштаи вазъ ҳаё бошад ба даст
هر که را سررشتهٔ وضع حیا باشد به دست
наметавонад чун нигаҳ дар дида бино нишаст
میتواند چون نگه در دیدهٔ بینا نشست
Шуъла шавқат нашуд пинҳон ба фонӯси хаёл
شعلهٔ شوقت نشد پنهان به فانوس خیال
Ҳамчуи ранги ин май бурун аз хилват мино нишаст
همچو رنگ این می برون از خلوت مینا نشست
Саъии парвози фаноро , эътибор дигар аст
سعی پرواز فنا را، اعتبار دیگر است
Рафт гирди мо ба ҷое каз фалак боло нишаст
رفت گرد ما به جایی کز فلک بالا نشست
Тираи ботинро чаҳ суд аз суҳбати равшандилон
تیرهباطن را چه سود از صحبت روشندلان
Соф набӯд занг бо ойӣнагар як ҷо нишаст
صاف نبود زنگ با آیینهگر یک جا نشست
Нанги вазъи ҳам бсотиҳоӣ маҷнӯн барнадошт
ننگ وضع هم بساطیهای مجنون برنداشت
Гирд мо шуд об то дар доман саҳро нишаст
گرد ما شد آب تا در دامن صحرا نشست
Шуълаи моро дарин базм орамидан муфт нест
شعلهٔ ما را درین بزم آرمیدن مفت نیست
Сад тапидани сӯхт то як доғи нақш ё нишаст
صد تپیدن سوخت تا یک داغ نقش یا نشست
Обрӯи зотии сети бедил варна монанди гуҳар
آبرو ذاتیست بیدل ورنه مانند گهر
Муҳраи гул ҳам тавонад дар дил дарё нишаст
مهرهٔ گل هم تواند در دل دریا نشست