Ҷӯши ҳирс аз яъси ман охири зи тоб втб нишаст
جوش حرص از یأس من آخر ز تابوتب نشست
Гирди суданҳои дастам бар сар матлаб нишаст
گرد سودنهای دستم بر سر مطلب نشست
Нест ҳаркаси муҳаррами вазъи адабгоҳи ҷамол
نیست هرکس محرم وضع ادبگاه جمال
Бар табассум кард шухии хати бурун лаб нишаст
بر تبسم کرد شوخی خط برون لب نشست
Магзаред аз ростӣҳо варна табъи каҷи хиром
مگذرید از راستیها ورنه طبعکج خرام
намерасад ҷое ки бояд бар дам ақраб нишаст
میرسد جایی که باید بر دم عقرب نشست
Толеъи дуни ҳаматон хуфтаи сет дар зери замин
طالع دون همتان خفتهست در زیر زمین
Бар фалак бовар надорам аз чунин кавкаб нишаст
بر فلک باور ندارم از چنین کوکب نشست
Дӯстон бояд ба ёди оранди таъзими вифоқ
دوستان باید به یاد آرند تعظیم وفاق
Шамъи ҳам дар анҷумани баъд аз видоъ шаб нишаст
شمع هم در انجمن بعد از وداع شب نشست
Беш аз ин бар пайкар бе ҳиси мчиниди эътибор
بیش از این بر پیکر بیحس مچینید اعتبار
Мушти хокӣ гул шуд ва чун хишт дар қолаб нишаст
مشت خاکی گل شد و چون خشت در قالب نشست
Шукри иззат ҳарқадр бошад ба ҷо овардании сет
شکر عزت هرقدر باشد به جا آوردنیست
Бӯсаи ди ади аввали рикоби он кас ки бар мураккаб нишаст
بوسه داد اول رکاب آنکسکه بر مرکب نشست
Рӯзи аввали офаринишҳо мақоми худ шинохт
روز اول آفرینشها مقام خود شناخت
Офарин бар васфу лаънат бар забон сб нишаст
آفرین بر وصف و لعنت بر زبانسب نشست
Инфеъоласт инки бинишонад ғубори табъи зулм
انفعال است اینکه بنشاند غبار طبع ظلم
Ҳркҷои тбхолаҳ эй гул кард шӯр таб нишаст
هرکجا تبخالهای گل کرد شور تب نشست
Мекашӣ кардем ва осудем аз ташвиши ваҳм
میکشی کردیم و آسودیم از تشویش وهم
Кард чандини мазҳаб аз як ҷуръа машраб нишаст
کرد چندین مذهب از یکجرعهٔ مشرب نشست
Бедил аз касби адаб зулмаст бар озодагӣ
بیدل از کسب ادب ظلم است بر آزادگی
Нола дорад бозии тифлӣ ки дар мактаб нишаст
ناله دارد بازی طفلی که در مکتب نشست