Ҳайф каз ифлоси навмидии фавойиди мард ро

حیف‌کز افلاس نومیدی فواید مرد را

Даст агркўтоаҳ шуд бар дил нишоед мард ро

دست اگرکوتاه شد بر دل نشاید مرد را

Аз тнзлҳостгар дар олами озодагӣ

از تنزلهاست گر در عالم آزادگی

Чини пешонӣ ба ёд доман ояд мард ро

چین پیشانی به یاد دامن آید مرد را

Чун табиатҳои зан гул карда гири осори нанг

چون طبیعتهای زن‌گل‌کرده‌گیر آثار ننگ

Дар фусӯси молу зар ,гар даст сояд мард ро

در فسوس مال و زر، گر دست ساید مرد را

Ҷадвали обу хиёбони чамани мнзўркист

جدول آب و خیابان چمن منظورکیست

Захми мидонҳокшд то дили кушояди мард ро

زخم میدانهاکشد تا دل‌گشاید مرد را

Як тағофул мекунад саркӯбии сдкўҳсор

یک تغافل می‌کند سرکوبی صدکوهسار

Дар сухан май бояд аз ҷо дар наёяд мард ро

در سخن می‌باید از جا در نیاید مرد را

Доман рустам такоанд бар сари ин ҳафт хон

دامن رستم تکاند بر سر این هفت‌خوان

Дасти ғайрат то ғубор аз дил задойад мард ро

دست غیرت تا غبار از دل زداید مرد را

Дар мизоҷи донаи омодаи сети таъсири замин

در مزاج دانه آماده‌ست تأثیر زمین

Ҳизкм пайдо шавадгар зан назояд мард ро

حیزکم پیدا شودگر زن نزاید مرد را

Ногузири рағбати иқбол бояд зистан

ناگزیر رغبت اقبال باید زیستن

Ҷоҳи дунёи сӯрати зан май намояди мард ро

جاه دنیا صورت زن می‌نماید مرد را

Ҷавҳари ғайрати дарин майдон намемонад ниҳон

جوهر غیرت درین میدان نمی‌ماند نهان

Теғ мегардад забон ва меситояд мард ро

تیغ می‌گردد زبان و می‌ستاید مرد را

Гар зи сими визри вФохўҳӣ ба хаст ҷҳдкн

گر ز سیم وزر وفاخوهی به‌خست‌جهدکن

Қҳбаҳ маҳкӯмаст азомсокӣ ки шоидмрдро

قحبه‌محکوم‌است ازامساکی‌که شایدمردرا

Бедили ин дунё на имрӯзи амтҳонгоҳсту бас

بیدل این‌دنیا نه‌امروز امتحانگاهست و بس

То ҷаҳони боқии сети зан май озмоиди мард ро

تا جهان باقی‌ست زن می‌آزماید مرد را

Хониш
ғзл шморҳ 73 — ъндлӣб