Сарви чамани дили алифи шуълаи оҳист

سرو چمن دل الف شعلهٔ آهیست

Сарсабзии ин мазраъаро барқ гиёҳӣаст

سرسبزی این مزرعه را برق‌ گیاهیست

Беҷуръат бениш натавон маҳви ту гаштан

بی‌جرأت بینش نتوان محو تو گشتن

Сарриштаи ҳайронии мо , мад нигоҳӣаст

سررشتهٔ حیرانی ما، مدّ نگاهیست

Кӣ сади раҳ ашк шавад , домани рангам

کی سد ره اشک شود، دامن‌ رنگم

Гар кӯҳ буд дар дами сайлаши пари коҳист

گر کوه بود در دم سیلش پر کاهیست

Ҷузи сайқалии ойӣна об надорад

جز صیقلی آیینهٔ آب ندارد

Ҳрчндкаҳи сарви лаби ҷӯ , мисраи оҳист

هرچندکه سرو لب جو، مصرع آهیست

Иззати талабӣ , ҷавҳари таслим ба дасти ор

عزت‌طلبی‌، جوهر تسلیم به ‌دست آر

ӣнҷои хами тоъат , шикани тарафи клоҳист

اینجا خم طاعت‌، شکن طرف ‌کلاهیست

То чанд занад лофи баландӣ , сргрдўн

تا چند زند لاف بلندی‌، سرگردون

Ин байза ба зибри пар парвоз нигоҳӣаст

این بیضه به زبر پر پرواز نگاهیست

Бар ҳосили дунё чиқадр ноз тавон кард

بر حاصل دنیا چقدر ناز توان کرد

Сартосари ин мазраъаи як мушт гиёҳӣаст

سرتاسر این مزرعه یک مشت ‌گیاهیست

Фарш дар дили шӯ , ки дарин арсаи нафас ро

فرش در دل شو،‌ که ‌درین عرصه نفس را

Аз ҳарзаи дуӣ хона ойӣна паноҳӣаст

از هرزه‌دوی خانهٔ آیینه پناهیست

Зин ҳастӣ беҳудаи савобӣ ки ту дорӣ

زین‌ هستی بیهوده صوابی‌ که تو داری

Гар ҷурм тасаввур накунӣ сахти гноҳист

گر جرم تصور نکنی سخت ‌گناهیست

Фоли сари таслими зану соз қадам кун

فال سر تسلیم زن و ساز قدم ‌کن

То манзили рҳти зи гирён нав роҳӣаст

تا منزل رحت ز گریان نو راهیست

Бедили паии он ҷилва ки ман рафтаам аз хеш

بیدل پی آن جلوه که من رفته‌‌ام از خویش

Ҳар нФши қадам , сӯрати хамёзаи оҳист

هر نفش قدم، صورت خمیازه آهیست