Шаб ки шӯри булбули мо реша дрглзор дошт
شبکه شور بلبل ما ریشه درگلزار داشت
Буии гул дар ғунчаи ранги нола дар минқор дошт
بوی گل در غنچه رنگ ناله در منقار داشت
Нағмаи ҷўлои Ни сайди найранг ки зини саҳрои гузашт
نغمه جولان صید نیرنگ که زین صحرا گذشت
Таркиши тир батон фарёд мўсиқор дошт
ترکش تیر بتان فریاد موسیقار داشت
Рухсати як ҷунбиши мижгони надод огоҳӣ ам
رخصت یک جنبش مژگان نداد آگاهیام
Ҳайрати аинҳои хоб ё аз дидҳои бедор дошт
حیرت اینحا خواب یا از دیدهای بیدار داشت
Уқдаи маҳрӯмии каси фикр ҷамъият мабод
عقدهٔ محرومیِ کس فکر جمعیت مباد
То парешон буд дил , бӯеи зи зулф ёр дошт
تا پریشان بود دل، بویی ز زلف یار داشت
Доғ бе дардии нишонд , охир ба хок тира ам
داغ بیدردی نشاند، آخر به خاک تیرهام
Буд зери чатри гул , то шамъ дар по хор дошт
بود زیرِ چتر گل، تا شمع در پا خار داشت
Гар ҳама куфр аст натавон сари з ҳамворӣ кашид
گر همه کفر است نتوان سر ز همواری کشید
Сбҳаҳро дидеми тўФи ҳалқа зуннор дошт
سبحه را دیدیم طوف حلقهٔ زنار داشت
Аҷзи ҳам кофии сет ҳарҷо мақсад аз худ рафтан аст
عجز همکافیست هرجا مقصد از خود رفتن است
Соя ҳастӣ то адами як лағзишӣ ҳамвор дошт
سایه هستی تا عدم یک لغزشی هموار داشت
Сафҳае оташ задем ойӣна ҳо пардохтем
صفحهای آتش زدیم آیینهها پرداختیم
Сӯхтани чандини чироғони чашмак дидор дошт
سوختن چندین چراغان چشمک دیدار داشت
б ӣ гули сад анҷуман бепарда буд аммо чаҳ суд
بیگل صد انجمن بیپرده بود اما چه سود
Илтифоти ранги моро дрпс девор дошт
التفات رنگ ما را درپس دیوار داشت
Норсобии сад хаёли ҳарза иншо кунад
نارسابی صد خیال هرزه انشا کند
Тинати бекор , моро бештар дар кор дошт
طینت بیکار، ما را بیشتر در کار داشت
Умрҳо шуд чун гуҳари тӯҳмати каш бедардӣ ам
عمرها شد چونگهر تهمتکش بیدردیام
Ёди айёмӣ ки чашмами як ду шабнам вор дошт
یاد ایامی که چشمم یک دو شبنموار داشت
Осмонӣ аз кафи хоки ихтироъ ғифлат аст
آسمانی از کف خاک اختراع غفلت است
Бедил аз фахрӣ ки мо дорпм бояд ор дошт
بیدل از فخری که ما دارپم باید عار داشت