То ҷунуни нақди баҳори ъшртм дар чанг дошт

تا جنون نقد بهار عشرتم در چنگ داشت

Тифли ашкии ҳам ки медидам ба доман санг дошт

طفل اشکی هم‌که می‌دیدم به دامن سنگ داشت

Умрӣ аз файзи лаби хомӯш ғофил зистам

عمری از فیض لب خاموش غافل زیستم

Нағмаи айши абади ин соз беоҳанг дошт

نغمهٔ عیش ابد این ساز بی‌آهنگ داشت

Бо ҳамаи ваҳшати ғубор доман хокему бас

با همه وحشت غبار دامن خاکیم و بس

Ашк дар арзи равонӣ низ узр ланг дошт

اشک در عرض‌روانی نیز عذر لنگ داشت

Азгҳри тӯҳмати каш афсурданаст аҷзои баҳр

ازگهر تهمت‌کش افسردن است اجزای بحر

Ҳаркии ӣнҷои фол роҳат зад маро дилтанг дошт

هرکه اینجا فال راحت زد مرا دلتنگ داشت

Пой дар доман шикастам шуд раҳу манзили яке

پای در دامن شکستم شد ره و منزل یکی

Ҷуръати рафтор дар ҳргоми сад фарсанг дошт

جرأت رفتار در هرگام صد فرسنگ داشت

Мавҷи лутф аз ҷавҳари теғи итобаш чида ем

موج لطف از جوهر تیغ عتابش چیده‌ایم

Ғунчаи чини ҷабинаши азтбсм ранг дошт

غنچهٔ چین جبینش ازتبسم‌رنگ‌داشت

Саъй ҳастӣ ҳеҷ моро барнаёварад аз адам

سعی هستی هیچ ما را برنیاورد از عدم

Оташи мо ҳркҷо зад шуълаи ҷо дар санг дошт

آتش ما هرکجا زد شعله جا در سنگ داشت

Кош ҳиҷрон дод ман медод агар васлӣ набӯд

کاش هجران داد من می‌داد اگر وصلی نبود

Шамъи тасвирам ки аз ман сӯхтан ҳам нанг дошт

شمع‌تصویرم‌که از من سوختن هم ننگ‌داشت

Нест ҷӯши лолаи вгли ғайри афсуни баҳор

نیست جوش لاله وگل غیر افسون بهار

Ҳарқадр мо ранги грдондим аўнирнг дошт

هرقدر ما رنگ گرداندیم اونیرنگ‌داشت

Шамъро афрӯхтан дар доғи дили хобоанд ва рафт

شمع را افروختن در داغ دل خواباند و رفت

Миннати сайқал чаҳ миқдори инфеъол занг дошт

منت صیقل چه مقدار انفعال زنگ داشت

Нақши партав барнаме дорад ҷабини офтоб

نقش پرتو برنمی‌دارد جبین آفتاب

Ғайри ҳам аўбўд лек Азноами бедил нанг дошт

غیر هم اوبود لیک ازنام بیدل ننگ داشت