Ваҳм ҳастӣ ҳечкасро азтпидни вондошт

وهم هستی هیچکس را ازتپیدن وانداشت

Меҳри болу пари ҳамон ҷузи байза анқо надошт

مهر بال و پر همان جز بیضهٔ عنقا نداشت

Олимии зини базми ибрати муфлис ва маъюс рафт

عالمی زین بزم عبرت مفلس و مایوس رفت

Кас нашуд огаҳ ки чизе дошт бо худ ё надошт

کس‌ نشد آگه‌ که‌ چیزی‌ داشت‌ با خود یا نداشت

Биксии заҳмати парасти миннат аҳбоб нест

بیکسی زحمت‌پرست منت احباب نیست

Ёди айёмӣ ки каси ёд аз ғубор мо надошт

یاد ایامی‌ که کس یاد از غبار ما نداشت

Ҳарчӣ пеш омад ҳамон рӯ бар қФокрдими сайр

هرچه پیش آمد همان رو بر قفاکردیم سیر

Як қалам дай доштем имрӯзи мо фардо надошт

یک قلم دی داشتیم امروز ما فردا نداشت

Даъвии соҳибдилӣ аз ҳарзаи гӯйон ботил аст

دعوی صاحبدلی از هرزه‌گویان باطل است

То нафас безабт мезад шишагар мино надошт

تا نفس بی‌ضبط می‌زد شیشه‌گر مینا نداشت

Машқи ҳамвории дарин мактаби далели хомшии сет

مشق ‌همواری درین مکتب دلیل خامشی‌ست

То дуруштӣ дошт санги серумаи ҷуз ғавғо надошт

تا درشتی داشت سنگ ‌سرمه جز غوغا نداشت

Ҳирс ҳар сӯ , раҳи барад бар сим ва зар дорад назар

حرص هر سو، ره برد بر سیم و زر دارد نظر

Зоҳид аз фирдавси ҳам матлӯби ҷуз дунё надошт

زاهد از فردوس هم مطلوب جز دنیا نداشت

Қонеъони сероби таскин аз зулол дигаранд

قانعان سیراب تسکین از زلال دیگرند

Оби ширбнӣ ки гавҳар дорад аз дар бо надошт

آب شیربنی ‌که‌ گوهر دارد از در‌با نداشت

То з тамкин нагузаранд одоби донони вафо

تا ز تمکین نگذرند آداب‌دانان وفا

Шамъи маҳфил дар сротш дошт зер по надошт

شمع‌محفل در سرآتش داشت زیر پا نداشت

То биёбони марг навмидӣ набояд зистан

تا بیابان مرگ نومیدی نباید زیستن

Ҳар куҷо рафтем моро биксӣ танҳо надошт

هر‌کجا رفتیم ما را بیکسی تنها نداشت

Даврӣам зон остон девона кард аммо чаҳ суд

دوری‌ام زان آستان دیوانه‌ کرد اما چه سود

Он қадри хокӣ ки афшонам ба сар саҳро надошт

آنقدر خاکی‌که افشانم به سر صحرا نداشت

Чун нафаси бедили нафасҳо дар тараддуди сӯхтам

چون نفس بیدل نفسها در تردد سوختم

Гӯшаи дили ҷои роҳат буд аммо ҷо надошт

گوشهٔ دل جای راحت بود اما جا نداشت