Чаҳ саҳар буд ки дӯшами дили орзӯӣ ту дошт

چه سحر بود که دوشم دل آرزوی تو داشت

Тўро дар оина медиду ҷустуҷӯӣ ту дошт

تورا در آینه می‌دید و جستجوی تو داشت

Ба ҳар дукон ки дарин чорсўи нзркрдм

به هر دکان‌که درین چارسو نظرکردم

Димоғи нози ту савдои гуфтугӯӣ ту дошт

دماغ ناز تو سودای گفتگوی تو داشت

Ба даври хмкдаҳи аътборгрдидим

به دور خمکدهٔ اعتبارگردیدیم

Сипеҳру меҳри ҳамон соғару сабуӣ ту дошт

سپهر و مهر همان‌ساغر و سبوی تو داشت

зи халқи ин ҳамаи ғифлат ки мекунад бовар

ز خلق این همه غفلت‌که می‌ کند باور

Тағофултуз ҳрсўи нзрбаҳи сӯй ту дошт

تغافل توز هرسو نظربه سوی تو داشت

Нзрбаҳи ранги тўбстми нзрбаҳи ранги тўбўд

نظربه رنگ توبستم نظربه رنگ توبود

Хаёл рӯй тўкрдми хаёл рӯй ту дошт

خیال روی توکردم خیال روی تو داشت

зи мо ва ман чиқадр буи ноз ме ояд

ز ما و من چقدر بوی ناز می‌آید

Нафас ба ҳарчӣ дамидандҳоиу ҳўӣ ту дошт

نفس به هرچه دمیدند های و هوی تو داشت

Ғуруру нози ту махсӯси каҷ кулоҳон нест

غرور و ناز تو مخصوص‌کج‌کلاهان نیست

Шикастаи рангии мо ҳам хамии зи мӯӣ ту дошт

شکسته رنگی ما هم خمی ز موی تو داشت

Ҳазор парда дариданду нағма ранг набаст

هزار پرده دریدند و نغمه رنگ نبست

Забони халқи ҳамон маънӣ магӯӣ ту дошт

زبان خلق همان معنی مگوی تو داشت

Чаҳ ҷуръаи ҳокаҳ на бар хоки рехтии зоҳид

چه جرعه‌هاکه نه بر خاک ریختی زاهد

Ба ин ҳаё натавон поси обрӯӣ ту дошт

به این حیا نتوان پاس آبروی تو داشت

Ба саҷда хок шудӣ ҳамчуи ашку зини ғофил

به سجده خاک شدی همچو اشک و زین غافل

Ки хоки ҳамтарӣ аз хушкии вузӯии тўдошт

که خاک هم تری از خشکی وضوی توداشت

Ба гардиши нигаҳати паии набарди фитрати ту

به‌گردش نگهت پی نبرد فطرت تو

Ки сбҳаҳи ту чаҳ зуннори дрглўӣ ту дошт

که سبحهٔ تو چه زنار درگلوی تو داشت

Дарин ҳдиқаҳ ба сад ранг пар задам бедил

درین حدیقه به صد رنگ پر زدم بیدل

зи ранг дар нагузаштам ки рангу буи ту дошт

ز رنگ در نگذشتم‌که رنگ و بوی تو داشت