Ба серуми шӯри таманнои ту то май печад
به سرم شور تمنای تو تا میپیچد
Дӯд дар соғари доғам чу садо май печад
دود در ساغر داغم چو صدا میپیچد
Ҳасрати чок грббон нашавад дом касе
حسرت چاک گرببان نشود دام کسی
Ин камандии сет ки дар гардани мо май печад
این کمندیست که در گردن ما میپیچد
Олам аз шикваи навмидии ушшоқ пар аст
عالم از شکوهٔ نومیدی عشاق پُر است
Норасои нолаи мо дар ҳамаи ҷо май печад
نارسا نالهٔ ما در همه جا میپیچد
Набӯд ҳастӣ агар душмани равшани гуҳарон
نبود هستی اگر دشمن روشنگهران
Нафаси пуч дар ойӣна чаро май печад
نفس پوچ در آیینه چرا میپیچد
Пер гардӣдаам ва аз худам озодӣ нест
پیر گردیدهام و از خودم آزادی نیست
Ҳалқаи зулф ки бар қади ду то май печад
حلقهٔ زلف که بر قد دو تا میپیچد
Кас надонист ки бо ин ҳамаи битобии шавқ
کس ندانستکه با این همه بیتابی شوق
Риштаи саъии нафасҳо ба куҷо май печад
رشتهٔ سعی نفسها به کجا میپیچد
Сайди аҷзи худам аз шабнами ман ҳеҷ мапурс
صید عجز خودم از شبنم من هیچ مپرس
Буии гул низ марои ришта ба по май печад
بوی گل نیز مرا رشته به پا میپیچد
Ваҳшатӣ ҳаст дрпни дашт ки чун риштаи шамъ
وحشتی هست درپن دشت که چون رشتهٔ شمع
Ҷода бар шуълаи овоз даро май печад
جاده بر شعلهٔ آواز درا میپیچد
Дил ба ғифлат на ва аз ранҷи хаёлоти бро
دل به غفلت نه و از رنج خیالات برآ
Акси броинаҳ яксар зи сафо май печад
عکس برآینه یکسر ز صفا میپیچد
намекашад ҳафт фалаки дрхми як шохи ғизол
میکشد هفت فلک درخم یک شاخ غزال
Гирдбодӣ ки ба дашти дили мо май печад
گردبادیکه به دشت دل ما میپیچد
Нолаи таҳрири мазомини таманнои туам
ناله تحریر مضامین تمنای توام
Хомшӣ кист ки мактуби маро май печад
خامشی کیست که مکتوب مرا میپیچد
Чора аз арбада бедил набӯд муфлис ро
چاره از عربده بیدل نبود مفلس را
Сарв аз бесмриҳо ба ҳаво май печад
سرو از بیثمریها به هوا میپیچد