На машки хтои буии мӯӣ ту дорад
نه مشک ختا بوی موی تو دارد
На моҳи самои ҳасан рӯй тӯдорад
نه ماه سما حسن روی تودارد
Насими саҳари зиндаи сози дилам ро
نسیم سحر زنده ساز دلم را
Аз он рўкаҳи бўӣии зи мӯӣ ту дорад
از آن روکه بوئی ز موی تو دارد
зи ширини забонии басии нола чун не
ز شیرین زبانی بسی ناله چون نی
Шукр ҳар дам аз гуфтугӯӣ ту дорад
شکر هر دم از گفتگوی تو دارد
Ба дил ҳар киро орзўӣӣаст аммо
به دل هر که را آرزوئی است اما
Дили ман ҳамин орзӯии тӯдорад
دل من همین آرزوی تودارد
Куҷои моҳи тобони вмҳри дурахшон
کجا ماه تابان ومهر درخشان
Фурӯғӣ чўрўӣ накӯй ту дорад
فروغی چوروی نکوی تو دارد
Ту хуршеди рӯ ҳар куҷои рухи намое
تو خورشید رو هر کجا رخ نمایی
Чу ҳрбои дилами рӯ ба сӯй ту дорад
چو حربا دلم رو به سوی تو دارد
Касе роблндаст иқбол чун ман
کسی رابلند است اقبال چون من
Ки дар рӯзи вшби ҷо ба кӯй ту дорад
که در روز وشب جا به کوی تو دارد