Дилами ошуфтаи зи он ошуфтаи мӯшад
دلم آشفته ز آن آشفته موشد
Қадами хам аз ғами абрӯии Ӯшад
قدم خم از غم ابروی اوشد
Магари он сарви қад дрглшн омад
مگر آن سرو قد درگلشن آمد
Ки пои сарви андари гул фурӯ шуд
که پای سرو اندر گل فرو شد
Чаҳ боки он хубрӯ гар гашта бдхў
چه باک آن خوبرو گر گشته بدخو
Ки бдхў гашта ҳар кас хубрӯ шуд
که بدخو گشته هر کس خوبرو شد
Дили въшқи всбўрӣ аз ғами ҳиҷр
دل وعشق وصبوری از غم هجر
Ҳамон афсонаи санг ва сабу шуд
همان افسانه سنگ و سبو شد
Сари зулфи ту то чун сўлҷони гашт
سر زلف تو تا چون صولجان گشت
Дили мискини ман пешаш чўгў шуд
دل مسکین من پیشش چوگو شد
Баланди иқболи всоФии дил аз онам
بلند اقبال وصافی دل از آنم
Ки фикри взкри ман пайваста ҳў шуд
که فکر وذکر من پیوسته هو شد