Ҳаркиро дидам ба дидори рахти муштоқ буд

هرکه را دیدم به دیدار رخت مشتاق بود

Ҳасани рухсори ту аз баси шуҳраи офоқ буд

حسن رخسار تو از بس شهره آفاق بود

Моҳ чун рӯй ту буд ар моҳи мишкӣн зулф дошт

ماه چون روی تو بود ار ماه مشکین زلف داشت

Срўчўни қдтўбўд ар сарви симини соқ буд

سروچون قدتوبود ار سرو سیمین ساق بود

Сафҳа ӣ рӯй ту , некӯ мустанад мешуд ба ҳасан ,

صفحه ی رویِ تو ، نیکو مستند می شد به حسن،

Гарчи дидам хаттии азънбр бар ӯ илҳоқ буд

گرچه دیدم خطی ازعنبر بر او الحاق بود

Тоқ ё ҷуфти ончии дории дили змои барадии гарав

طاق یا جفت آنچه داری دل زما بردی گرو

Ҷуфти абрӯии тўчўн дар длрбоӣии тоқ буд

جفت ابروی توچون در دلربائی طاق بود

Неш каз шасти тўхўрдми хўштрми азнўши гашт

نیش کز شست توخوردم خوشترم ازنوش گشت

Заҳр каз даст ту омад беҳтар аз трёқ буд

زهر کز دست تو آمد بهتر از تریاق بود

Гар наме басти он бут Широзем шероза аш

گر نمی بست آن بت شیرازیم شیرازه اش

Дафтари ҳасани накӯён токунӯн авроқ буд

دفتر حسن نکویان تاکنون اوراق بود

Он даҳонеро ки мегуфтанд дорӣ дидамаш

آن دهانی را که میگفتند داری دیدمش

Тангтар аз чашми мӯри вози дили ушшоқ буд

تنگ تر از چشم مور واز دل عشاق بود

Дар брмн аз ғами он оташини рухи сӯхти дил

در برمن از غم آن آتشین رخ سوخت دل

Чун ғамаш сӯзандатар зи оташи дилами ҳроқ буд

چون غمش سوزنده تر ز آتش دلم حراق بود

Аз баланди иқбол то ҷони хостӣ эсор кард

از بلند اقبال تا جان خواستی ایثار کرد

То нФрмоӣӣ ки ҷон додан ба пешаши шоқ буд

تا نفرمائی که جان دادن به پیشش شاق بود