эй булбул бе дили маноли охири гулат пайдо шавад
ای بلبل بی دل منال آخر گلت پیدا شود
Урдӣбиҳишт ояд зи нави вази сари ҷаҳон бурно шавад
اردیبهشت آید ز نو وز سر جهان برنا شود
Ман ҳам дилӣ дорам ғамин аз ҳиҷри ёри нозанин
من هم دلی دارم غمین از هجر یار نازنین
Умед дорам каз камӣн чун фарвардин пайдо шавад
امید دارم کز کمین چون فروردین پیدا شود
Ман ҳарчӣ мегӯям ба ман бӯсии диҳии гўӣӣ ки ло
من هرچه می گویم به من بوسی دهی گوئی که لا
Зони лолаи рӯи хўоҳддлми осӯда аз ало шавад
زآن لاله رو خواهددلم آسوده از الا شود
Ҷинӣ ки ман дорам ба тани гўрў бар ҷонони ман
جنی که من دارم به تن گورو بر جانان من
Коби равон аз ҳар куҷои лобуди сӯй дарё шавад
کآب روان از هر کجا لابد سوی دریا شود
Бигзор ҷону дил ба кафи шӯи пеши тири аўҳдФ
بگذار جان و دل به کف شو پیش تیر اوهدف
Борон равад чун дар садафи зи он лўءи лўءи ло ло шавад
باران رود چون در صدف ز آن لوء لوء لا لا شود
То кӣ зднёи ғами хурӣ ба бошад ар ғам кам хурӣ
تا کی زدنیا غم خوری به باشد ار غم کم خوری
Зеро ки дунёро ғанӣ ноед агар бе мо шавад
زیرا که دنیا را غنی ناید اگر بی ما شود
Гуфтам баланди иқболро ошуфтаи гўӣӣ то ба кӣ
گفتم بلند اقبال را آشفته گوئی تا به کی
ГФтокаҳ дар занҷири он гесуи маро то ҷо шавад
گفتاکه در زنجیر آن گیسو مرا تا جا شود