Қосид бирасон ба ёри коғаз

قاصد برسان به یار کاغذ

Вази ёр ба мо биор коғаз

وز یار به ما بیار کاغذ

Гар гуфт з кист гўкаҳ бошад

گر گفت ز کیست گو که باشد

Аз хастаи дилии Фкори коғаз

از خسته دلی فکار کاغذ

Гўозчаҳ сӯем наме фиристӣ

گو از چه سویم نمی فرستی

эй ёри ситами шумори коғаз

ای یار ستم شمار کاغذ

Аз лавҳи дили ту мҳўгштм

از لوح دل تو محو گشتم

ё нест дар он диёри коғаз

یا نیست در آن دیار کاغذ

Бўӣӣ агароварӣ зи зулфаш

بوئی اگر آوری ز زلفش

Беҳтар буд аз ҳазор коғаз

بهتر بود از هزار کاغذ

Иқболам агар баланд бошад

اقبالم اگر بلند باشد

Ояд сӯем азнгори коғаз

آید سویم از نگار کاغذ