Ба ҷамоли тўгштаҳи дили моил
به جمال توگشته دل مایل
Сад ҳазор офарин ба дидаи вдл
صد هزار آفرین به دیده ودل
Дили вҷон ҳар дўро диҳад осон
دل وجان هر دورا دهد آسان
Ошиқатроаст давряти мушкил
عاشقت را است دوریت مشکل
На ба бар ҳозирии венаи зоҳир
نه به بر حاضری ونه ظاهر
На зи мо ғоӣбии венаи ғофил
نه ز ما غائبی ونه غافل
Боўлои тўҳргнаҳи тоъат
باولای توهرگنه طاعت
Бе ризои тўҳри амали ботил
بی رضای توهر عمل باطل
Ҳар чаҳ ғолӣ ба пеши тўбии қадар
هر چه غالی به پیش توبی قدر
Ҳарчӣ олӣ ба нздтўи соФл
هرچه عالی به نزدتو سافل
Пеши ақли ту оқилони ҳайрон
پیش عقل تو عاقلان حیران
Пеши илми ту олимони ҷоҳил
پیش علم تو عالمان جاهل
Чашми умед ҳар касаст ба ту
چشم امید هر کس است به تو
Гар ки маҷнӯн буд вагар оқил
گر که مجنون بود وگر عاقل
Вой бар ҳоли взндгонӣ ӯ
وای بر حال وزندگانی او
НшўдлтФт ар ба каси шомил
نشودلطفت ار به کس شامل
эй ки ҳастӣ ту соқии кавсар
ای که هستی تو ساقی کوثر
Кун маро низ масти влоиъқл
کن مرا نیز مست ولایعقل
Ман ҳанузам миёни киштии вбҳр
من هنوزم میان کشتی وبحر
Ҳар касе рафт ва хуфт дар соҳил
هر کسی رفت و خفت در ساحل
Дар дўлтсрои хосати кӯ
در دولتسرای خاصت کو
То дар онҷо талаб кунад соил
تا در آنجا طلب کند سائل
Чаҳ шавад кам зҷоаҳу ҳишмати ту
چه شود کم زجاه و حشمت تو
Ба ҷаворати гарми диҳии манзил
به جوارت گرم دهی منزل
Кун назар бар дили блндоқбол
کن نظر بر دل بلنداقبال
То ки ғамҳои ӯ шавад зоӣл
تا که غمهای او شود زائل