Гар чун даҳони дӯсти зи ғам бенишон шудам

گر چون دهان دوست ز غم بی نشان شدم

Дар пеши тири ғамзаи чашмаш нишон шудам

در پیش تیر غمزه چشمش نشان شدم

Будам ба қад чу тири вази ғам чун камон шудам

بودم به قد چو تیر وز غم چون کمان شدم

Будам ба умри пери вази ишқаши ҷавони шам

بودم به عمر پیر وز عشقش جوان شم

зи он тарк тундхуаст ки дорам ба синаи сӯз

ز آن ترک تندخوست که دارم به سینه سوز

зи он оташин рухаст ки оташ ба ҷон шудам

ز آن آتشین رخ است که آتش به جان شدم

Ҷузи дил хабар надошт зи асрори ман касе

جز دل خبر نداشت ز اسرار من کسی

Чун фош гашта аз дили худ бад гумон шудам

چون فاش گشته از دل خود بد گمان شدم

Барадам ба кӯии дӯсти паноҳ аз гуноҳи хеш

بردم به کوی دوست پناه از گناه خویش

Осӯда дил шудам ки ба дор аломон шудам

آسوده دل شدم که به دار الامان شدم

Афваш чу буд беҳаду фазлаш чу бе ҳисоб

عفوش چو بود بی حد و فضلش چو بی حساب

Кардам гуноҳ ва дар садад имтиҳон шудам

کردم گناه و در صدد امتحان شدم

Бо ман магӯ ки аз чаҳ шудӣ рндўбодаҳи хор

با من مگو که از چه شدی رندوباده خوار

Аз дӯст ҳукм шуд ки чунон шӯ чунон шудам

از دوست حکم شد که چنان شو چنان شدم

Будам бета ба васли тўхрми чўнўбҳор

بودم بتا به وصل توخرم چونوبهار

Аз сарсари ҳаводиси ҳиҷрат хазон шудам

از صرصر حوادث هجرت خزان شدم

Шуд субҳи шоми ҳиҷри внмрдми зиҳии тавон

شد صبح شام هجر ونمردم زهی توان

Дрмлки ишқи хусрав соҳибқирон шудам

درملک عشق خسرو صاحبقران شدم

Намруд ғам фиканда ба ноРоми халили вор

نمرود غم فکنده به نارم خلیل وار

Дидам ба ёд рӯй ту дрглстон шудам

دیدم به یاد روی تو درگلستان شدم

Дар рӯзгор аз он шудаи иқболи ман баланд

در روزگار از آن شده اقبال من بلند

КоФтодаҳи пеши пой батон хок сон шудам

کافتاده پیش پای بتان خاک سان شدم