Чунон андари каманди турраи ҷонони гирифторам

چنان اندر کمند طره جانان گرفتارم

Ки умеди рҳоӣӣ раҳ надорад дар дили зорам

که امید رهائی ره ندارد در دل زارم

зи ишқи мўрхти ёри вмори зулфи дилдорам

ز عشق مورخط یار ومار زلف دلدارم

Ту пиндорӣ ба гӯшами рафтаи мӯр ва дар бағали морам

تو پنداری به گوشم رفته مور و در بغل مارم

Агар зоҳид кунад аз ишқ рӯй дӯсти инкорам

اگر زاهد کند از عشق روی دوست انکارم

Чаҳ ғами кӯро на инсон аз дўоби аларзи пиндорам

چه غم کو را نه انسان از دواب الارض پندارم

Кунад ёрамгар озорам ки даст аз ишқ бурдорам

کند یارم گر آزارم که دست از عشق بردارم

Серумрогар барад аз тан нахоҳад буд озорам

سرم را گر برد از تن نخواهد بود آزارم

Чаҳ боки андари раҳи ишқаш агар сар рафт вдсторм

چه باک اندر ره عشقش اگر سر رفت ودستارم

Надорам даст то домони васлашро ба дасти орм

ندارم دست تا دامان وصلش را به دست آرم

Чу зулфи ёр то дар гардан ӯ даст дар ноРом

چو زلف یار تا در گردن او دست در نارم

зи ғами дрхўни дили оғишта ҳамчун донаи дрнорм

ز غم درخون دل آغشته همچون دانه درنارم

зи ишқ рӯй вмўии ёри субҳи вшоми дрнорм

ز عشق روی وموی یار صبح وشام درنارم

зи ғам май сӯзами вмии созами вдми ҳеҷ дрнорм

ز غم می سوزم ومی سازم ودم هیچ درنارم

Чаҳ ғами ишқ ар наад бар дили ғамӣ ҳар дам дигар боРом

چه غم عشق ار نهد بر دل غمی هر دم دگر بارم

Дили ман бахтӣ мастаст впрўо нест аз боРом

دل من بختی مست است وپروا نیست از بارم

Набошад чун баланди иқболи соли вмаҳи ҷузи ин корам

نباشد چون بلند اقبال سال ومه جز این کارم

Ки тухми ишқи ҷононро ба меҳри ободи дили корам

که تخم عشق جانان را به مهر آباد دل کارم