Ту рогмон ки мнози даврии ту ҷон дорам
تو راگمان که مناز دوری تو جان دارم
Куҷои зи ҳиҷри ту ҷон ё ба тан тавон дорам
کجا ز هجر تو جان یا به تن توان دارم
Магар на неи кндоФғони вҷсм беҷон аст
مگر نه نی کندافغان وجسم بی جان است
Чўони ним агар аз даврят фиғон дорам
چوآن نیم اگر از دوریت فغان دارم
Ба ашки сурхи врхи зарди хештан чаҳ кунам
به اشک سرخ ورخ زرد خویشتن چه کنم
Чигуна ишқи рахтро ба дил ниҳон дорам
چگونه عشق رخت را به دل نهان دارم
Чўтири қомати вобрўи камони туро дидам
چوتیر قامت وابرو کمان تو را دیدم
Аз он бўдкаҳи қадии хамтар азкмон дорам
از آن بودکه قدی خم تر ازکمان دارم
На шиква мекунам аз бахти венаи зи ҷўррқиб
نه شکوه می کنم از بخت ونه ز جوررقیب
Ки дорам ончӣ ба дили дрдоз осмон дорам
که دارم آنچه به دل درداز آسمان دارم
Чигуна рӯй чаман мешавад ба мавсими дай
چگونه روی چمن می شود به موسم دی
зи ҳиҷр рӯй ту ман рўӣӣ ончунон дорам
ز هجر روی تو من روئی آنچنان دارم
зи пер майкада дорам лақаби баланди иқбол
ز پیر میکده دارم لقب بلند اقبال
Бибин зи хоки раҳаши ҳам ба сар нишон дорам
ببین ز خاک رهش هم به سر نشان دارم