Як ёри вафодори дарин шаҳр надидем

یک یار وفادار دراین شهر ندیدیم

Вази гулшани ин даҳр ба ҷуз хор начедем

وز گلشن این دهر به جز خار نچیدیم

Аз суфраи ин базм ба ҷуз заҳр нахурдем

از سفره این بزم به جز زهر نخوردیم

Вази соғари ин айш ба ҷузи ғами нчшидим

وز ساغر این عیش به جز غم نچشیدیم

Дили кндзмои ёри вдл аз ёр накунадем

دل کندزما یار ودل از یار نکندیم

Бурид змои меҳр возоўмо набардем

برید زما مهر وازاوما نبردیم

Ҳаркас ки ситам кард ба мо нола накардем

هرکس که ستم کرد به ما ناله نکردیم

Дидеми бадви пардаи касро ндрдидим

دیدیم بدو پرده کس را ندردیدیم

То дида мо дид надидем ба ҷузи дӯст

تا دیده ما دید ندیدیم به جز دوست

Ҷузи қиссаи ҳасани Рахш аз кас нашунидем

جز قصه حسن رخش از کس نشنیدیم

эй ёр чаҳ кардем ки кундии пурмо ро

ای یار چه کردیم که کندی پرما را

Аз бомтўбрбом дигар каси нпридим

از بامتوبربام دگر کس نپریدیم

зи иқболи баландӣ ки ба мо дода худованд

ز اقبال بلندی که به ما داده خداوند

Ҷузи бор батон бор касеро накашидем

جز بار بتان بار کسی را نکشیدیم