Афзӯдаи ғами ишқи ту дарди втби мо ро
افزوده غم عشق تو درد و تب ما را
Кардааст сияҳи ҳиҷри тўрўзи вшби мо ро
کرده است سیه هجر تو روز و شب ما را
Мо ошиқи вмстим ва ба ҷуз ёр ндонем
ما عاشق و مستیم و به جز یار ندانیم
Зоҳиди з чаҳ ҷӯёст ҳамеи мазҳаби мо ро
زاهد ز چه جویاست همی مذهب ما را
Огаҳ нашуд аз толеъи мо ҳеҷ мунаҷҷим
آگه نشد از طالع ما هیچ منجم
Май сӯхтӣ эй коши фалаки кавкаби мо ро
میسوختی ای کاش فلک کوکب ما را
То бӯса задам бар лаби ширини ваии азшҳд
تا بوسه زدم بر لب شیرین وی از شهد
Таб хола зад аз фарти ҳарорати лаби мо ро
تب خاله زد از فرط حرارت لب ما را
эй тарк бикун тарки ҷафо дар дили шабҳо
ای ترک بکن ترک جفا در دل شبها
Гӯшт нашунидааст магар ё раби мо ро
گوشت نشنیده است مگر یا رب ما را
Рӯй сӯй ки орем ба ғайр аз ту ки ҷузи ту
روی سوی که آریم به غیر از تو که جز تو
Кас нест бароварда кунад матлаби мо ро
کس نیست برآورده کند مطلب ما را
Моро басии иқбол баландаст ки дилдор
ما را بسی اقبال بلند است که دلدار
Дарбоне худ карда яқини мансаби мо ро
دربانی خود کرده یقین منصب ما را