Ошиқ рӯй ту соҳиб назарӣ нест ки нест
عاشق روی تو صاحب نظری نیست که نیست
Хоки даргоҳи тўкҳл басарӣ нест ки нест
خاک درگاه توکحل بصری نیست که نیست
На ҳаме ҷилва кунад ҳасани ту дар дидаи ман
نه همی جلوه کند حسن تو در دیده من
Ҷилвагар ҳасани ту дрхшк втрӣ нест ки нест
جلوه گر حسن تو درخشک وتری نیست که نیست
На ман дил шуда танҳо зи ғамати хӯни ҷигарам
نه من دل شده تنها ز غمت خون جگرم
Хӯни зи ишқи рахти андар ҷгарӣ нест ки нест
خون ز عشق رخت اندر جگری نیست که نیست
На ҳамеи ман ба раҳат хок нишин ҳастам вбс
نه همی من به رهت خاک نشین هستم وبس
Сад чўмни хаста ба ҳар раҳгузарӣ нест ки нест
صد چومن خسته به هر رهگذری نیست که نیست
Дили ошуфтаи ранҷури ман аз зулфи врхт
دل آشفته رنجور من از زلف ورخت
Шом дар оҳу фиғон то саҳарӣ нест ки нест
شام در آه و فغان تا سحری نیست که نیست
Худ надонам мулкӣ ё парӣу ҳур вале
خود ندانم ملکی یا پری و حور ولی
Ҳастам огаҳ ки ғуломат башарӣ нест ки нест
هستم آگه که غلامت بشری نیست که نیست
Корвони машки зи чин аз чаҳ ба Ширози орад
کاروان مشک ز چین از چه به شیراز آرد
Дрхми турраи тўмшк тарӣ нест ки нест
درخم طره تومشک تری نیست که نیست
Гоҳе аз ҳоли ман хӯн шудаи дили гири суроғ
گاهی از حال من خون شده دل گیر سراغ
Ногуҳи огаҳи шӯй аз ман асарӣ нест ки нест
ناگه آگه شوی از من اثری نیست که نیست
Бо рақибони манишин бода махӯр бӯсаи мада
با رقیبان منشین باده مخور بوسه مده
Ки ?бурмаи зи тўдоим хабарӣ нест ки нест
که برما ز تودایم خبری نیست که نیست
Пеши ту беҳунару пасти баланд иқбол аст
پیش تو بی هنر و پست بلند اقبال است
Варна ӯро ба ҳақиқат ҳунарӣ нест ки нест
ورنه اورا به حقیقت هنری نیست که نیست
Подшаҳ карда магари табъи марои махзани худ
پادشه کرده مگر طبع مرا مخزن خود
Ки дар ӯ ҳар чаҳ бихонӣ гуҳар нест ки нест
که در او هر چه بخوانی گهر نیست که نیست