Чу ошуфта булбул шуд аз гули хабар

چو آشفته بلبل شد از گل خبر

Ки дар боғ бинишаста бо кару фар

که در باغ بنشسته با کر و فر

Равон бе таъаммули сӯй боғ шуд

روان بی تأمل سوی باغ شد

Вале бо дилии пурғам ва доғ шуд

ولی با دلی پرغم و داغ شد

Ки аз рӯй гули сахти шарманда буд

که از روی گل سخت شرمنده بود

Чу дрҳҷри аўто кунун зинда буд

چو درهجر اوتا کنون زنده بود

Назар кард булбул чу бар рӯй гул

نظر کرد بلبل چو بر روی گل

Чу шдсрхўши вмст аз буии гул

چو شدسرخوش ومست از بوی گل

Дилаши зи оташи ишқ дрҷўш шуд

دلش ز آتش عشق درجوش شد

Ба пой гул афтод вбиҳўш шуд

به پای گل افتاد وبیهوش شد

Чу баъд аз замонӣ бҳўш омадов

چو بعد از زمانی بهوش آمداو

Ба гул гуфт эй ёри покизаи рӯ

به گل گفت ای یار پاکیزه رو

Марои дидаи равшан ба дидор туаст

مرا دیده روشن به دیدار توست

Сафои гулистони з рухсор туаст

صفای گلستان ز رخسار توست

Куҷо будӣ эй марҳами риши ман

کجا بودی ای مرهم ریش من

Қарори дили пари зи ташвиши ман

قرار دل پر ز تشویش من

Куҷо будӣ эй роҳати ҷони ман

کجا بودی ای راحت جان من

Ки гулзор шуд бе ту зиндони ман

که گلزار شد بی تو زندان من

Балии ҳамчуи зиндон буд гулистон

بلی همچو زندان بود گلستان

Агар глъзорӣ набошад дар он

اگر گلعذاری نباشد در آن

Хушо онкӣ фориғ шуд аз дарди ҳиҷр

خوشا آنکه فارغ شد از درد هجر

зи рухсор ӯ пок шуд гирди ҳиҷр

ز رخسار او پاک شد گرد هجر