Гӯ эй рахти авҷи ҳасанро моҳ

گو ای رخت اوج حسن را ماه

Сар то қидмати латифу дили хоҳ

سر تا قدمت لطیف و دل‌خواه

эй рашки парӣу ғайрати ҳур

ای رشک پری و غیرت حور

Аз рӯй ту боди чашми бади давр

از روی تو باد چشم بد دور

эй хусрави хайли моҳи рӯйон

ای خسرو خیل ماه‌رویان

Срҳлқаҳи ҷамъи машки мӯён

سرحلقۀ جمع مشک‌مویان

Ма рӯй ту дид ва шуд ғуломаш

مه روی تو دید و شد غلامش

Зон рӯй мунири гашти номаш

زان روی منیر گشت نامش

Ёрб ки саодатати қарини бод

یارب که سعادتت قرین باد

Ҷону дили душманати ҳазини бод

جان و دل دشمنت حزین باد

Дарёб ки чашми прхморт

دریاب که چشم پرخمارت

Барад аз ман хастаи дил ба ғорат

برد از من خسته‌دل به غارت

Зад сунбули зулфи ту ба як дам

زد سنبل زلف تو به یک دم

Кори ман дили шикаста бар ҳам

کار من دل‌شکسته بر هم

Аз ҷоми муҳаббати ту мастам

از جام محبت تو مستم

Сарришта ақл шуд зи дастам

سررشتۀ عقل شد ز دستم

Бишикаст марои зи бори ғами пушт

بشکست مرا ز بار غم پشت

Дардо ки ғам ту хоҳадам кишт

دردا که غم تو خواهدم کشت

Аз ғуссаи ҳиҷри зори гаштам

از غصه هجر زار گشتم

Чун зулфи ту бе қарори гаштам

چون زلف تو بی‌قرار گشتم

Аз чашму дили ман эй длором

از چشم و دل من ای دلارام

Брбўди ғами ту хобу ором

بربود غم تو خواب و آرام

Зини пеши мронм аз дар хеш

زین پیش مرانم از در خویش

Маҳҷӯри мадорам аз бар хеш

مهجور مدارم از بر خویش

Дар ишқ мабод кас чу ман зор

در عشق مباد کس چو من زار

Сўдоздаҳу ғариб ва бе ёр

سودازده و غریب و بی یار

Бар ман ки дилами зи ғусса риш аст

بر من که دلم ز غصه ریش است

Гар раҳм кунӣ ба ҷой хеш аст

گر رحم کنی به جای خویش است

Пайвастаи мушаввашам чу зулфат

پیوسته مشوشم چو زلفت

Ҳамвора бар оташам чу зулфат

همواره بر آتشم چو زلفت

Аз шавқи ту эй маи дили афрӯз

از شوق تو ای مه دل‌افروز

Сӯзами ҳамаи шаб чу шамъ то рӯз

سوزم همه شب چو شمع تا روز

Гӯям зи фироқи рӯят эй моҳ

گویم ز فراق رویت ای ماه

Гӯям зи ғами ту гоҳу бегоҳ

گویم ز غم تو گاه و بیگاه