То шамъи ҷамол ту барафрӯхт ба маҷмаъ
تا شمعِ جمالِ تو برافروخت به مَجمَع
Бинишаст шуъоъи назари шамъи мушаъшаъ
بنشست شعاعِ نظرِ شمع مُشَعشَع
Хуршеди зи рухсори ту дар айн ҳиҷоб аст
خورشید ز رخسار تو در عین حجاب است
То боз шуд аз партави рухсори ту бурқаъ
تا باز شد از پرتو رخسار تو بُرقع
Воъизи фазаъи рӯзи қиёмат ки баён кард
واعظ فزع روز قیامت که بیان کرد
Гар бахти ҷавони бодӣ ва аз умри таматтуъ
گر بخت جوان بادی و از عمر تمتع
Хок дар онам ки ба рўбнди ҳўорӣ
خاکِ در آنم که به روبند حواری
Ҳҷронки зои ман фазаъи алокбри аФзъ
هِجرانُکَ ذا مِن فَزع الاَکبَرِ افزَع
Дар раҳ ба адаб бошу тавозуъ ки ба ҳар гом
در ره به ادب باش و تواضع که به هر گام
Хок дар ӯро ба сари решаи Муқаннаъ
خاک در او را به سر ریشهٔ مقنع
Зоҳиди нафаси сӯхтагон сард набошад
زاهد نفس سوختگان سرد نباشد
Фарқии сет ба зери пайу тоҷии сети мурассаъ
فرقیست به زیر پی و تاجیست مُرَصَّع
Ҳони ибни ҳисоми ин ду нафаси фурсати айём
هان ابن حسام این دو نفس فرصت ایام
Парҳез ки оташи нзнндт ба мураққаъ
پرهیز که آتش نزنندت به مرقع
Брхўри зи ҷавонӣу таматтуъи талаб аз умр
برخور ز جوانی و تمتُّع طلب از عمر
Дар ёб ва макун такяи барин умри мўдъ
در یاب و مکن تکیه برین عمر مودّع