Он куҷо шуд каз ту гуҳи гуҳи марҳабоеи доштам

آن کجا شد کز تو گه گه مرحبایی داشتم

Дар ҳарими каъба ӣ Кувайти сафойии доштам

در حریم کعبه ی کویت صفایی داشتم

Даии гузаштӣ ва накардӣ илтифотии сӯии ман

دی گذشتی و نکردی التفاتی سوی من

Худ нагуфтӣ дардманди мубталоеи доштам

خود نگفتی دردمند مبتلایی داشتم

Дӯши зи оби дида ва аз оташи дил то саҳар

دوش ز آب دیده و از آتش دل تا سحر

Дар миёни обу оташи моҷароеи доштам

در میان آب و آتش ماجرایی داشتم

Нола ӣ шабгиру оҳи сўзноками ним шаб

ناله ی شبگیر و آه سوزناکم نیم شب

Ин ҳамаи ранҷу ънои охири з ҷое доштам

این همه رنج و عنا آخر ز جایی داشتم

Хавф гирдобасту бими мавҷу дарёии амиқ

خوف گردابست و بیم موج و دریای عمیق

Ёр кштибон нагуфтӣ кошноиии доштам

یار کشتیبان نگفتی کاشنایی داشتم

Дасту пое боядам зад кобм аз сар дар гузашт

دست و پایی بایدم زد کابم از سر در گذشت

Дасту пое май занам то дасту поеи доштам

دست و پایی می زنم تا دست و پایی داشتم

эй табиби дардмандон бар сари болини ман

ای طبیب دردمندان بر سر بالین من

Як қадам на каз ту умеди давоеи доштам

یک قدم نه کز تو امید دوایی داشتم

Мӯътакиф дар гӯша ӣ миҳроби абрӯии ту дӯш

معتکف در گوشه ی محراب ابروی تو دوش

То саҳари гуҳи дасти ҳоҷат бар дуоеи доштам

تا سحر گه دست حاجت بر دعایی داشتم

Бар гулистони ҷамолати дӯш чун ибни ҳисом

بر گلستان جمالت دوش چون ابن حسام

Ҳамчуи булбул бар чамани баргу навоеи доштам

همچو بلبل بر چمن برگ و نوایی داشتم