Сарв дилҷӯйаст ё шамшод ё болост он

سرو دلجویست یا شمشاد یا بالاست آن

Рост гӯям ҳарчӣ ман гӯям аз ан болост он

راست گویم هرچه من گویم از ان بالاست آن

Абрӯят бар қоматати боло нишинӣ ме кунад

ابرویت بر قامتت بالا نشینی می کند

Ростӣ каҷ менишинад абрӯят бо расатон

راستی کج می نشیند ابرویت با راستان

Гуфтамаш : рӯят ба зебои дил аз мо май барад

گفتمش : رویت به زیبایی دل از ما می برد

Гуфт : ҳар чаҳ рӯй зебо мекунад зебост он

گفت : هر چه روی زیبا می کند زیباست آن

Гуфт : бар хок сар кӯем чаҳ моўӣ карда Эй

گفت : بر خاک سر کویم چه ماوی کرده ای

Гуфтам : ореи хоки Кувайти ҷинаи алмأўости он

گفتم : آری خاک کویت جنه المأواست آن

Гуфтамаш : бо оризати зулфати таносуб аз чаҳ ёфт

گفتمش : با عارضت زلفت تناسب از چه یافت

Гуфт : моҳ равшанаст ин ва шаб ялдост он

گفت :ماه روشن است این و شب یلداست آن

Гуфтамаш : хоҳам задан дар ҳалқаи зулфи ту чанг

گفتمش : خواهم زدن در حلقه زلف تو چنگ

Гуфт : кӯтаҳ кун сухани сар ҳалқа ғавғост он

گفت : کوته کن سخن سر حلقه غوغاست آن

Ончӣ аз ишқи ту пинҳон доштӣ ибни ҳисом

آنچه از عشق تو پنهان داشتی ابن حسام

Ин замон бар чеҳраи зардаш ҳама пайдост он

این زمان بر چهره زردش همه پیداست آن