Шабӣ ба пеш ту хоҳам нишаст рӯй биравӣ
شبی به پیشِ تو خواهم نشست روی به روی
Татовули сар зулфат бигуфт мӯӣ ба мӯӣ
تَطاوُلِ سَرِ زُلْفَت بِگُفْت موی به موی
Ба буии зулфи ту ошуфтаи ҳол май гирдам
به بویِ زُلْفِ تو، آشفتهحال میگردم
Басони боди сабо дар раҳи ту кӯй ба кӯй
بهسانِ بادِ صبا در رهِ تو، کوی به کوی
Басӯии савмиъа гоҳе , гуҳии басӯии кунишат
بهسویِ صومعه گاهی، گَهی بهسویِ کِنِشْت
Ҳамеи рӯм ба талаб дар паии ту сӯй ба сӯй
همی رَوَم به طَلَب در پیِ تو، سوی به سوی
Нишони сарви ту аз ҷӯйбор ме ҷӯям
نِشانِ سَروِ تو از جویبار میجُویم
Чу об аз ин сабабами сари ниҳодаи ҷӯй ба ҷӯй
چو آب از این سَبَبَم، سَر نَهاده جوی به جوی
з гуфту гӯй авоқиб магӯӣ ибни ҳисом
ز گُفْتوگویِ عواقِب مَگوی «اِبْنِ حِسام»
Биёади ғабғаби ҷонони сухани з гӯй бигӯӣ
به یادِ غَبْغَبِ جانان، سُخَن، زِ گوی بِگوی
Шудан ба ҷониби чини баҳри машк айн хатост
شُدَن به جانِبِ چین، بهر مُشْک، عِیْنِ خَطاست
Биҷои машки ту ани зулфи мӯшаки буи ба буи
به جایِ مُشْک، تو آن زُلْفِ مُشْکبوی بِبوی