Дилами фирефтаи он шамоили арабии сет

دلم فریفتهٔ آن شمایل عربی‌ست

Ки шаклу шева ӯро ҳазор булъаҷабии сет

که شکل و شیوه او را هزار بوالعجبی‌ست

Хаёли лаъли лабаш дар даруни синаи ман

خیال لعل لبش در درون سینه من

Чу бода дар дили пари хӯни шишаи ҳалабии сет

چو باده در دل پر خون شیشهٔ حلبی‌ست

Бикушт фитнаи чашмаши маро ва май байнам

بکشت فتنهٔ چشمش مرا و می‌بینم

Ки ҳамчунон назараши сӯии ман ба бўлъҷбии сет

که همچنان نظرش سوی من به بولعجبی‌ست

Мурӣди пери Муғонам ки шайх ҳар қавмӣ

مرید پیر مغانم که شیخ هر قومی

Миёни қавм чу андари миёни фирқаи набии сет

میان قوم چو اندر میان فرقه نبی‌ست

Мхори пои дили раҳравон ба хори ҷафо

مخار پای دل رهروان به خار جفا

Ки ин тариқаи бади роҳу расми бўлҳбии сет

که این طریقهٔ بد راه و رسم بولهبی‌ست

Марви зи роҳи адаб то блндбхти шӯй

مرو ز راه ادب تا بلندبخت شوی

Ки шӯрбахтии мардуми зи роҳ кам адабии сет

که شوربختی مردم ز راه کم‌ادبی‌ست

Куҷост бонии қасри Ирам ки таркибаш

کجاست بانی قصر ارم که ترکیبش

Ба қасри шоҳ кунун хишти шарфаи тнбии сет

به قصر شاه کنون خشت شرفهٔ طنبی‌ست

зи ҷоми лами излии ҷуръае ба ман доданд

ز جام لم یزلی جرعه‌ای به من دادند

магӯӣ мастии ман завқи бодаи ънбии сет

مگوی مستی من ذوق بادهٔ عنبی‌ست

Макун зи гардиши даврони шикояти ибни ҳисом

مکن ز گردش دوران شکایت ابن حسام

Ки одати фалаки дуни парасти мунқалибии сет

که عادت فلک دون‌پرست منقلبی‌ست

Бирав ба об қаноат бишӯй дасти тамаъ

برو به آب قناعت بشوی دست طمع

Ки беш ҳурмати мардуми зи фарт кам талабии сет

که بیش حرمت مردم ز فرط کم‌طلبی‌ست

Хониш
ғзл шморҳ 23 — мҳмд млкшоҳӣ