Моро ба ғайри ёди ту андар замир нест
ما را به غیرِ یادِ تو، اندر ضَمیر نیست
Дилро дигар зи суҳбати ҷонон гурез нест
دِل را دِگَر ز صحبتِ جانان، گُزیر نیست
Ёрони маломати ман ошиқ раҳо кунед
یاران، مَلامَتِ مَنِ عاشِق، رَها کُنید!
Кин мубталои ишқи насиҳат пзрир нест
کاین مُبْتَلایِ عِشْق، نَصیحَتپَذیر نیست
Дил ошиқаст ва панд намегирад андрў
دِل، عاشِق است و پَنْد نمیگیرد اندر او
Бар ваии мгир зон ки бирав ҷой гир нест
بر وی مَگیر زان که بر او، جایِ گیر نیست
Бар ман камони абрӯии мишкӣн чаҳ май кашӣ
بَر مَن، کمانِ اَبرویِ مِشْکین چه میکَشی؟
Хуш хуш бикаш ба ғамза ки ҳоҷат ба тир нест
خَوش خَوش بِکَش به غَمْزِه که حاجَت به تیر نیست
Зулфати ниҳоди доми бало дар раҳи дилам
زُلْفَت نَهاد دامِ بَلا در رهِ دِلَم
Он кист кӯ ба доми балое асир нест
آن، کیست کاو به دامِ بَلایی، اَسیر نیست؟
Чашмӣ ки он ба рӯй ту равшан наме шавад
چشمی که آن به رویِ تو، روشن نمیشود
Чун бенгарӣ ба дидаи маънӣ басир нест
چون بِنْگَری به دیدهیِ مَعنی، بَصیر نیست
Ибни ҳисоми такяи гуҳи хоки кӯии дӯст
«اِبْنِ حِسام»، تِکْیِهگَهِ خاکِ کویِ دوست
Дар остони ишқи азин ба сарир нест
در آسْتانِ عِشْق از این بِهْ، سَریر نیست