Чашми ту тири ғамза чу андари камони ниҳод
چشم تو تیر غمزه چو اندر کمان نهاد
Ҷоно ба қасди хӯни дили нотавони ниҳод
جانا به قصد خون دل ناتوان نهاد
Гуфтам ҳадиси он лаби ширин адо кунам
گفتم حدیث آن لب شیرین ادا کنم
Меҳри сукут , лаъли туам бар даҳони ниҳод
مُهر سکوت، لعل تواَم بر دهان نهاد
Ёрои гуфтанам задаон ту нест ҳеҷ
یارای گفتنم زدهان تو نیست هیچ
Табъи латиф агар чаҳ марои хурдаи дони ниҳод
طبع لطیف اگر چه مرا خرده دان نهاد
Чашмат ба фитнаи хона ӣ мардум хароб кард
چشمت به فتنه خانه ی مردم خراب کرد
Натавон дигар баҳона бар охири замони ниҳод
نتوان دگر بهانه بر آخر زمان نهاد
Дил дар миёни дӯст ба мӯеи хаёли баст
دل در میان دوست به مویی خیال بست
Борӣки нуктаи ист ки дил дар миёни ниҳод
باریک نکته ایست که دل در میان نهاد
Дандон ба орзӯии лабаши тизкрди ком
دندان به آرزوی لبش تیزکرد کام
Гуфто ки бар рутаб натавон устихони ниҳод
گفتا که بر رطب نتوان استخوان نهاد
Дигар махон ба савмиъаи ибни ҳисом ро
دیگر مخوان به صومعه ابن حسام را
Кӯи србри остона ӣ пери Муғони ниҳод
کو سربر آستانه ی پیر مغان نهاد