Мҳўсони зи паии хотири мҳўси мо
مهوَّسان ز پی خاطر مهوِّس ما
Ба зикри дӯст музайян кунед маҷлиси мо
به ذکر دوست مزیّن کنید مجلس ما
Хаёли он рухи рашки парӣу ғайрати ҳур
خیال آن رخ رشک پری و غیرت حور
Бурун намеравад аз синаи мсўси мо
برون نمیرود از سینهٔ مسَوِّس ما
Ниҳоли қомату чашми ту боғбон чун дид
نهال قامت و چشم تو باغبان چون دید
Бирафт - гуфт - таровати зи сарву наргиси мо
برفت -گفت- طراوت ز سرو و نرگس ما
Ба маҷлисӣ ки ту бошӣ чароғ гӯ биншин
به مجلسی که تو باشی چراغ گو بنشین
Басаст шамъи хаёли ту дар маҷолиси мо
بس است شمع خیال تو در مجالس ما
Ба ҷои бодаи гарми заҳр май диҳӣ нӯш аст
به جای بادهٔ گرم زهر میدهی نوش است
Ба шарти он ки ту бошӣ амири маҷлиси мо
به شرط آن که تو باشی امیر مجلس ما
зи канаи васфи ту ибни ҳисом давр афтод
ز کنه وصف تو ابن حسام دور افتاد
Куҷо расад ба ту андешаи муҳандиси мо
کجا رسد به تو اندیشهٔ مهندس ما