эй ғофил аз балои дили мубталои мо
ای غافل از بلای دل مبتلای ما
Ҷузи мубтало касе нарасад дар балои мо
جز مبتلا کسی نرسد در بلای ما
Мумкин набошад аз сари кӯии ту рафтанам
ممکن نباشد از سر کوی تو رفتنم
Оре муқайядаст ба зулфи ту пои мо
آری مقیّدست به زلف تو پای ما
Ҳуҷҷоҷ агар ба каъбаи байти алҳрми раванд
حجاج اگر به کعبه بیت الحرم روند
Абрӯӣ туаст қиблаи ҳоҷати равои мо
ابروی توست قبله حاجت روای ما
Мо мӯътакиф ба кӯии тўоим аз сари сафо
ما معتکف به کوی توایم از سر صفا
Мавқуфи онкӣ саъй кунӣ бар сафои мо
موقوف آنکه سعی کنی بر صفای ما
Донам ки дард ишқ набошад даво пазир
دانم که درد عشق نباشد دوا پذیر
Заҳмати макаши табиби зи баҳри давои мо
زحمت مکش طبیب ز بهر دوای ما
Рӯзи азал ки шодӣу ғам қисм карда анд
روز ازل که شادی و غم قسم کرده اند
Шодии ҷони мо ки ғам омад атои мо
شادی جان ما که غم آمد عطای ما
Ибни ҳисомро зи дуои васли тести умед
ابن حسام را ز دعا وصل تست امید
ё раб қарин кунӣ ба иҷобати дуои мо
یا رب قرین کنی به اجابت دعای ما