Агар соқӣ ба базми мо қаландар вор биншинад
اگر ساقی به بزم ما قلندر وار بنشیند
Басои сӯфӣ ки андари ҳалқа ӣ хумор биншинад
بسا صوفی که اندر حلقه ی خمّار بنشیند
Ба зории дили зорами туро эй дил ниёзорам
به زاریّ دل زارم ترا ای دل نیازارم
Казон зории туро бар дил мабод озор биншинад
کزان زاری ترا بر دل مباد آزار بنشیند
Ба азм рафтан аз маҷлис ба ҳар борӣ ки бархезӣ
به عزم رفتن از مجلس به هر باری که برخیزی
Аз он бархестан бар дили маро садбор биншинад
از آن برخاستن بر دل مرا صدبار بنشیند
Чу хашми фитна ангезиш кунад мастӣу мастурӣ
چو چشم فتنه انگیزش کند مستی و مستوری
Намонад ҳеҷ зоҳиди рака ӯ ҳушёр биншинад
نماند هیچ زاهد راکه او هشیار بنشیند
Касе дар маърази мардони براردи номи мансӯрӣ
کسی در معرض مردان برآرد نام منصوری
Ки бархезад зср ва онгаҳ ба пой дор биншинад
که برخیزد زسر و آنگه به پای دار بنشیند
Касе дар дида ӣ мардум буд чун мардуми дида
کسی در دیده ی مردم بود چون مردم دیده
Ки ҳамчун дида ӣ гулгуни миён хор биншинад
که همچون دیده ی گلگون میان خار بنشیند
Дили ибни ҳисом аз ранҷ ва аз тимор бемор аст
دل ابن حسام از رنج و از تیمار بیمار است
Магари дилбар ба тимори дил бемор биншинад
مگر دلبر به تیمار دل بیمار بنشیند