Пештари зин чанд гоҳе дили парешони доштам
پیشتر زین چند گاهی دل پریشان داشتم
Худ чаҳ мегӯям зи дили сад ранҷ бар ҷони доштам
خود چه میگویم ز دل صد رنج بر جان داشتم
Юсуфи Мисри карамро аз тксри шикваи ӣӣ
یوسف مصر کرم را از تکسر شکوه ئی
Буд ва ман ёқӯб вааш дили байти аҳзони доштам
بود و من یعقوب وش دل بیت احزان داشتم
Он алии номи ҳасани сирати алоиддини ҳусайн
آن علی نام حسن سیرت علاءالدین حسین
Каз ғам ӯ чашму дили гирёну бирёни доштам
کز غم او چشم و دل گریان و بریان داشتم
Бас ки бар хотири малолат буд муставлеи маро
بس که بر خاطر ملالت بود مستولی مرا
Ҳамчуи ганҷи оромгаҳ дар кунҷи вайрони доштам
همچو گنج آرامگه در کنج ویران داشتم
Гар чаҳ бар ман зи он тксри гашти рамзии ошкор
گر چه بر من ز آن تکسر گشت رمزی آشکار
Лек чун хуши номдм аз хеши пинҳони доштам
لیک چون خوش نامدم از خویش پنهان داشتم
Врчаҳ иксоът набудам даври азу бе дарди дил
ورچه یکساعت نبودم دور ازو بی درد دل
Лекин аз дидор ӯ умеди дармони доштам
لیکن از دیدار او امید درمان داشتم
Миннати эзадро ки дидам дар замони сиҳҳаташ
منت ایزد را که دیدم در زمان صحتش
Гашта омни ончии дил аз ваии ҳаросони доштам
گشته آمن آنچه دل از وی هراسان داشتم
Баъд азин шукраст чун ибни ямини корам аз онк
بعد ازین شکرست چون ابن یمین کارم از آنک
Ҳосилам шуд ҳар чаҳ чашми он зи яздони доштам
حاصلم شد هر چه چشم آن ز یزدان داشتم
Гар бмозӣ шарҳ додам ихтисос худ бидон
گر بماضی شرح دادم اختصاص خود بدان
Занн мабар онҳол мозӣ шуд ки ман он доштам
ظن مبر آنحال ماضی شد که من آن داشتم
Доштами дил дар ҳавоӣ ӯ ва хоҳам доштан
داشتم دل در هوای او و خواهم داشتن
То абад чун доим ӯро рукни имони доштам
تا ابد چون دائم او را رکن ایمان داشتم