Туро сазад бсФои моҳи осмони гуфтан
ترا سزد بصفا ماه آسمان گفتن
Турои бҳсни тавон зинати ҷаҳони гуфтан
ترا بحسن توان زینت جهان گفتن
Агар ту аз дирам эй ҳури чеҳраи бози оӣӣ
اگر تو از درم ای حور چهره باز آئی
Тавон мақоми марои хулди ҷовдони гуфтан
توان مقام مرا خلد جاودان گفتن
Каҷаст дар назари қад чун санавбари ту
کج است در نظر قد چون صنوبر تو
Сухани зи ростии сарви бӯстони гуфтан
سخن ز راستی سرو بوستان گفتن
Агар ту қасд бҷонм кунӣ раво набӯд
اگر تو قصد بجانم کنی روا نبود
Ба пеши талъати ҷонони марои зи ҷони гуфтан
به پیش طلعت جانان مرا ز جان گفتن
Бтрки ҷону ҷаҳони зуд митўонм гуфт
بترک جان و جهان زود میتوانم گفت
Бтрки суҳбати ҷонони нмитўони гуфтан
بترک صحبت جانان نمیتوان گفتن
Бидон ҳавас ки зи табъат бурун кунам сафро
بدان هوس که ز طبعت برون کنم صفرا
Тавон сиришки марои оби нордони гуфтан
توان سرشک مرا آب ناردان گفتن
зи рашки руста дар ту бас аҷаб набӯд
ز رشک رسته در تو بس عجب نبود
Тани заъифи марои тори ресмони гуфтан
تن ضعیف مرا تار ریسمان گفتن
Висоли ҳамчуи тўӣӣ гар биҷаҳад даст диҳад
وصال همچو توئی گر بجهد دست دهد
Тавон бтрки тану ҷону хону мони гуфтан
توان بترک تن و جان و خان و مان گفتن
На лоиқаст зи лутф чу ту сбкрўҳӣ
نه لایقست ز لطف چو تو سبکروحی
Ҷавоби ошиқи бечораи саргарони гуфтан
جواب عاشق بیچاره سرگران گفتن
Кунун чу дод ғазал дод табъати ибни ямин
کنون چو داد غزل داد طبعت ابن یمین
БўсФи холу хату зулфи дилбарони гуфтан
بوصف خال و خط و زلف دلبران گفتن
Миён хома бабанду забон ӯ бигушоӣ
میان خامه ببند و زبان او بگشای
Пас аз ғазали бмдиҳи хдоигони гуфтан
پس از غزل بمدیح خدایگان گفتن
Фурӯғи ахтари шоҳаншаҳии тғоитмўр
فروغ اختر شاهنشهی طغایتمور
Ки митўонши баҳақи шоҳи шаҳи нишони гуфтан
که میتوانش بحق شاه شه نشان گفتن
Замини дарга ӯро зи баси ҷалолату ҷоҳ
زمین درگه او را ز بس جلالت و جاه
Тавон бгоҳ баёни сатҳи осмони гуфтан
توان بگاه بیان سطح آسمان گفتن
Ҷаноби ҳазрат ӯро расад зи рифъату қадар
جناب حضرت او را رسد ز رفعت و قدر
Сухани зи манзалати авҷи лои макони гуфтан
سخن ز منزلت اوج لا مکان گفتن
Бурузи маъракагар барги не бкФ гирад
بروز معرکه گر برگ نی بکف گیرد
Тавон зи қӯташи он баргро синони гуфтан
توان ز قوتش آن برگ را سنان گفتن
Каминаи банда ки аз даргааш равон гардад
کمینه بنده که از درگهش روان گردد
Тавон бкшўри аъдоаши марзбони гуфтан
توان بکشور اعداش مرزبان گفتن
зи адл ӯ шуда бо гӯсфанди гурги чунон
ز عدل او شده با گوسفند گرگ چنان
Ки метавон зи шафқати саги шубони гуфтан
که میتوان ز شفقت سگ شبان گفتن
Ҷавоби хасми турои зебад эй ҳумоюни фар
جواب خصم ترا زیبد ای همایون فر
Брأии перу боқиболи навҷавони гуфтан
برأی پیر و باقبال نوجوان گفتن
Ҳамон замон ки наҳй пой бар замини аду
همان زمان که نهی پای بر زمین عدو
Бар осмон расад овои аломони гуфтан
بر آسمان رسد آوای الامان گفتن
Биҷузи ту дар ҳамаи олами нмирсди кас ро
بجز تو در همه عالم نمیرسد کس را
Паноҳи аҳли замини хусрави замони гуфтан
پناه اهل زمین خسرو زمان گفتن
Атои икдмаҳи базли турои бмҷлси инс
عطای یکدمه بذل ترا بمجلس انس
Тавон захираи сад ганҷи шоягони гуфтан
توان ذخیره صد گنج شایگان گفتن
Шунӯдаам зи суханҳои сӯзании байтӣ
شنوده ام ز سخنهای سوزنی بیتی
Муносиб ар чаҳ тавонам назири он гуфтан
مناسب ار چه توانم نظیر آن گفتن
Вале басӯрат тазмин чаро адо накунам
ولی بصورت تضمین چرا ادا نکنم
Чу метавон сухани хуши броигони гуфтан
چو میتوان سخن خوش برایگان گفتن
Дурӯғ рост намойаст дар вилояти шоҳ
دروغ راست نمایست در ولایت شاه
зи адл ӯ барра бо гурги тавъамони гуфтан
ز عدل او بره با گرگ توأمان گفتن
Ҷҳонпноаҳи шҳо бандаи пурваро аз онк
جهانپناه شها بنده پرورا از آنک
Ки то буд бҷҳони санъати забони гуфтан
که تا بود بجهان صنعت زبان گفتن
Мдиҳи ҷоҳ ту гӯям ки мадҳи ҳамчуи тўӣӣ
مدیح جاه تو گویم که مدح همچو توئی
Забон банда тавонад бсди баёни гуфтан
زبان بنده تواند بصد بیان گفتن
Ту Юсуфӣу сулаймони сифат фариза шудаст
تو یوسفی و سلیمان صفت فریضه شدست
Дуоат бар ҳамаи абнои инсу ҷони гуфтан
دعات بر همه ابنای انس و جان گفتن
Ҳамеша то буд андари ҳузури аҳли хирад
همیشه تا بود اندر حضور اهل خرد
зи арғавони сифати табъи заъфарони гуфтан
ز ارغوان صفت طبع زعفران گفتن
зи дида бар рух чун заъфарони хасми ту бод
ز دیده بر رخ چون زعفران خصم تو باد
Чунонкӣ менатавон оби арғавони гуфтан
چنانکه می نتوان آب ارغوان گفتن